Edited By Kamini,Updated: 17 Jun, 2025 12:46 PM

पहलगाम हमले के 55 दिन बाद अंतरराष्ट्रीय टैरर फडिंग की निगरानी करने वाली संस्था FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) का बड़ा बयान सामने आया है।
जम्मू डेस्क : पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान का आतंकी चेहरा पूरी दुनिया में बेनकाब हो गया है। इस हमले के बाद एक बार फिर पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में डालने की मांग हो रही है। जानकारी के अनुसार, FATF ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 बेगुनाह लोगों की जान ले ली थी। पहलगाम हमले के 55 दिन बाद अंतरराष्ट्रीय टैरर फडिंग की निगरानी करने वाली संस्था FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) का बड़ा बयान सामने आया है।
FATF ने गत दिन सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि इस तरह के हमले बिना फंडिंग और नेटवर्क के संभव नहीं हैं। यानी कि सीधे तौर पर पाकिस्तान पर निशाना साध रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को लगातार समर्थन दिए जाने और हथियार खरीदने के लिए विभिन्न फंडों के इस्तेमाल पर जोर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसी गतिविधियों के चलते पाकिस्तान को FATF की 'ग्रे लिस्ट' में डाला जा सकता है।
गौरतलब है कि, FATF के एशिया-प्रशांत समूह की बैठक 25 अगस्त को होनी है, जिसके बाद 20 अक्टूबर को इसके कार्य समूह की बैठक होगी। इन बैठकों से पहले भारत पाकिस्तान के खिलाफ एक डोजियर तैयार कर रहा है। इस डोजियर में दिखाया जाएगा कि पाकिस्तान किस तरह से आतंकी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग में फंडिंग का इस्तेमाल कर FATF के नियमों का उल्लंघन कर रहा है। पाकिस्तान को साल 2018 में FATF की ग्रे लिस्ट में डाला गया था। तब उसने मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए एक्शन प्लान दिया था। इसके बाद साल 2022 में FATF ने पाकिस्तान को इस ग्रे लिस्ट से हटा दिया था।
सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार एंटी मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग नियमों का पालन न करने के लिए पाकिस्तान को फिर से 'ग्रे लिस्ट' में डालने के लिए FATF के सामने मजबूत मामला रखेगी। FATF की साल में 3 बार यानी फरवरी, जून और अक्टूबर में बैठक होती है।
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