पंजाब में टिड्डी दल आने की संभावना नहीं: छुनेजा

Edited By Mohit,Updated: 09 Jun, 2020 06:12 PM

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पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के कीट विज्ञान विभाग के प्रमुख डा. पी के छुनेजा ने मंगलवार.............

जालंधरः पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के कीट विज्ञान विभाग के प्रमुख डा. पी के छुनेजा ने मंगलवार को कहा कि हवा का प्रभाह पूर्व की ओर से होने के कारण पंजाब में टिड्डी दल के आने की अभी कोई संभावना नहीं है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने टिड्डी दल के हमले और इसकी रोकथाम के लिए आज कृषि विज्ञान केंद्र, नूरमहल में कृषि, बागबानी और अन्य संबंधित विभागों के तकनीकी विशेषज्ञों के लिए वैबीनार का अयोजन किया गया। डॉ छुनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में इस कीड़े की आमद फ़िलहाल चाहे नहीं होने की संभावना है परन्तु हमें जागरूक होने की जरूरत है। 

उन्होंने कहा कि टिड्डी दल का झुंड हवा की गति, नमी और इलाकों में हरियाली की उपलव्धता अनुसार उड़ता है इसलिए पंजाब में हरियाली होने के कारण इस कीड़े की आमद का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होने कहा कि टिड्डी दल के झुंड राजस्थान में देखे गए हैं और इसी तरह पाकिस्तान की तरफ से भी यह झुंड हमारे राज्य में आ सकते हैं। प्रसिद्ध कीट विज्ञानी डा. केएस सूरी के इलावा डा. प्रषोतम अरोड़ा, डा कुलदीप सिंह पंधू डिप्टी डायरैक्टर केबीके नूरमहल, डा संजीव कुमार कटारिया फार्म सलाहकार सेवा केंद्र जालंधर ने भी वैबीनार में संबोधन किया। 

जि़ला जालंधर के अलग-अलग विभागों के तकरीबन 24 प्रसार कर्मचारियों को विज्ञानियों ने बताया कि टिड्डी दल के एक किलोमीटर झुंड में लगभग 80 लाख टिड्डियां हो सकतीं हैं। जालंधर के मुख्य कृषि अफ़सर डा. सुरिन्दर सिंह ने बताया कि टिड्डी दल के हमले की रोकथाम के लिए जि़ले के खंड स्तर पर ब्लाक कृषि अफसर के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जिले में कर्मचारियों की भारी कमी है इसलिए टिड्डी दल पर ई-पुस्तिका तैयार कर किसानों को वाटसऐप्प द्वारा जागरूक किया जा रहा है।

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