सी.पी. ने मुंशी से पूछी रंजीत एवेन्यू थाने की हदबंदी, जवाब न देने पर किया लाइन हाजिर

Edited By swetha,Updated: 19 Sep, 2019 04:23 PM

cp asks munshi to demarcate ranjit avenue police station

दागी अफसरों पर गिर सकती है गाज

अमृतसर(सफर) : नए पुलिस कमिश्रर डा. सुखचैन सिंह गिल की चर्चाएं हाईटेक दुनिया में किसी से छिपी नहीं हैं। उनका लुधियाना में रात का दौरा इतना पापुलर हुआ था कि भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों व दो नंबर के धंधे वालों को नाम सुनते ही दौरा पडऩे लगा था। ऐसे में देर रात सड़कों पर निजी गाड़ी से निकल कर कानून व्यवस्था परखने की उनकी समझ और तुरंत निपटारे को लेकर उन्हें ‘डा. सिंघम’ कहा जाने लगा। इसी परंपरा में उन्होंने रात थाना रंजीत एवेन्यू में दबिश दी और मुंशी से पूछा कि थाने की हदबंदी क्या है और कितने नाके लगे हैं, इसका जवाब न मिलनेे पर उसे लाइन हाजिर कर दिया गया। इसकी पुष्टि थाना प्रभारी कमलमीत सिंह ने की है।

दागी अफसरों पर गिर सकती है गाज 

हरके थानों की समीक्षा होगी। रेटिंग के हिसाब से लिस्टें बनेंगी। दागी अफसरों पर गाज गिर सकती है। ऐसे में नए कमिश्रर की टीम शहर भर में दागी पुलिस कर्मियों की लिस्टें तैयार कर रही है, ताकि उन्हें लाइन में हाजिर रहने का आदेश दिया जा सके।

बस वाहेगुरु दी मर्जी, श्री गुरु रामदास दी नगरी : कमिश्रर
पुलिस कमिश्रर डा. सुखचैन सिंह गिल ने मीडिया के साथ पहली बैठक में बताया था कि एम.बी.बी.एस करने बाद आई.पी.एस बना। जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित है। ऐसा काम करना है जो दुनिया याद करे। पैसा कमाना होता तो डॉक्टरी पेशा अपना लेता। मेरे परिवार में भाई-बहन डाक्टर हैं और विदेश सैटल हैं, लेकिन मैं इसी माटी पर जन्मा (अलगो कोठी अब जिला तरनातरन) और वाहेगुरु की मेहर है कि गुरु राम दास की नगरी में रहकर यहां डाक्टर बना और यहीं पर पुलिस कमिश्रर। हरेक अधिकारी का अपना काम करने का तरीका होता है। मैं तो समाज के लिए काम करता हूं, जनता ही मेरी जर्नादन है। 

थानों में होगा गजब बदलाव, अदब से कहेंगे जय हिन्द
पुलिस थानों से लेकर चौकियों में अक्सर लोगों की शिकायत रहती थी कि पुलिस उनकी सुनती नहीं है पर अब आप आप शिकायत कर सकेंगे जिस पर तुरंत अमल होगा। थानों में ‘जय हिन्द’ कह कर फोन सुनने वाला आपका अभिवादन करेगा। पुलिस के खिलाफ शिकायत पेटी लगेगी, जिसकी चाबी थाने के ए.सी.पी के पास होगी। ए.सी.पी के कार्यालय में शिकायत पेटी की चाबी ए.डी.सी.पी के पास होगी और ए.डी.सी.पी की शिकायत पेटी की चाबी डी.सी.पी के पास होगी। ऐसी प्लानिंग नए पुलिस कमिश्रर की है। इससे शहर के लोगों को काफी लाभ मिलेगा और पुलिस थाने से संबंधित समस्याओं का हल भी निकलेगा।

पुलिस कमिश्नर स्टाफ से पूछ सकते हैं डी.जी.पी का नाम
पुलिस कमिश्रर डा. सुखचैन सिंह गिल के आने के बाद अब शहर की पुलिस की जनरल नॉलेज बढ़ानी पड़ेगी। पुलिस वालों से कमिश्रर ऐसे भी सवाल पूछ सकते हैं कि बताओ डी.जी.पी का नाम क्या है या फिर कानून की किसी धारा  कहां और क्यों लगाई जाती है। लुधियाना में उन्होंने पुलिस की लाइफ स्टाइल में बदलाव लाने को जो प्रयास किए थे वे अमृतसर में दोहराने में जुट गए हैं। वहीं उन्होंने सभी थानों के एस.एच.ओ से कहा है कि इलाके का क्राइम चार्ट उनके मोबाइल में होना चाहिए। इलाके में कितनेे 10 नंबरी हैं और कितने वांटेड हैं यह सब मोबाइल में अपडेट रहे। पिछले 6 महीनों में दर्ज एफ.आई.आर की रिजल्ट रिपोर्ट तैयार करने के भी आदेश दिए हैं। 

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