आंदोलन में मरे किसान की मृतक देह का लोगों ने संस्कार करने से किया इंकार, रखी ये शर्त

Edited By Vatika,Updated: 11 Feb, 2021 01:10 PM

people refused to cremate the dead body of farmer who died in agitation

केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए खेती कानूनों के विरोध में पिछले लंबे समय से किसान आंदोलन कर रहे हैं।

मोगा:  केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए खेती कानूनों के विरोध में पिछले लंबे समय से किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसानों के चल रहे इस आंदोलन में जहां सैंकड़ों किसान मर चुके हैं, वहीं सरकार के कान पर जूं तक नहीं सरक रही। दिल्ली के बॉर्डरों पर संघर्ष कर रहे हमारे किसानों की कीमती जानें आए दिन जा रही हैं। गत दिवस भी मोगा जिले के गांव रोली के रहने वाले किसान दर्शन सिंह पुत्र अमर सिंह (66) की दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन दौरान मौत हो गई थी, जिसकी मृतक देह गत दिवस गांव लाई गई। 

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जानकारी के अनुसार पूरे गांव वासियों और समूह ग्राम पंचायत ने फ़ैसला किया कि दर्शन सिंह का अंतिम संस्कार तब तक नहीं किया जाएगा, जितनी देर पंजाब सरकार पीड़ित परिवार को बनता मुआवजा और सरकारी नौकरी नहीं देगी। गांव वासियों ने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत मांगें न मानी तो ज़िला डिप्टी कमिश्नर मोगा के दफ़्तर के आगे शव रख कर घेराव किया जाएगा। इस मौके पर पीड़ित परिवार के घर दुख सांझा करने पहुंचे गांव के सरपंच जगराज सिंह और पंचायत मैंबर हरबंश सिंह ने कहा कि पूरा नगर पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। उनकी तरफ से हर तरह की संभव मदद की जाएगी। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि सरकार पीड़ित परिवार को तुरंत बनता मुआवजा जारी करे और एक परिवार को सरकारी नौकरी दी जाए। 

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