शहर में खुलेआम सेहत से खिलवाड़, धड़ल्ले से बिक रहा नकली देसी घी!

Edited By Urmila,Updated: 04 Mar, 2026 02:20 PM

the market is flooded with adulterated ghee

शहर में नकली और मिलावटी खाद्य पर्दार्थों की भरमार है, वहीं डालडा के दाम पर देसी घी बिक रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।

गोनियाना (गोरालाल) : शहर में नकली और मिलावटी खाद्य पर्दार्थों की भरमार है, वहीं डालडा के दाम पर देसी घी बिक रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। महंगाई के इस दौर में जहां आम आदमी पहले से ही परेशान है, वहीं सस्ते के नाम पर बिक रहे नकली सामान लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।

इस समय चर्चा बाज़ार में डालडा के दाम पर बिक रहे नकली देसी घी की है। लोगों को लुभाने के लिए कुछ व्यापारी खुलेआम दावा कर रहे हैं कि यह शुद्ध देसी घी है, लेकिन दाम इतने कम हैं कि शक होना लाज़िमी है। जानकारों के मुताबिक कई जगहों पर वनस्पति या घटिया तेल में खुशबू और रंग मिलाकर उसे देसी घी बताकर बेचा जा रहा है, जिससे गरीब ग्राहकों को धोखा दिया जा रहा है।

दालों, मसालों, मिठाइयों, दूध और तेल के साथ यह डुप्लीकेट घी भी लोकल मार्कीट में बिना भय बेचा जा रहा है, लेकिन सेहत विभाग की तरफ से कोई सख्त एक्शन नहीं लिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कभी-कभी शिकायतों पर सिर्फ़ औपचारिक छापेमारी कर मामले को दबा दिया जाता है। गरीब परिवार सस्ते के चक्कर में ये सामान खरीद लेते हैं पर बाद में बच्चों और बुज़ुर्गों को पेट की बीमारियों, उल्टी, एसिडिटी हो जाती है।

मैडीकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा मिलावटी घी लंबे समय में दिल और लिवर के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। हैरानी की बात है कि कुछ दुकानदारों को जांच टीम के पहुंचने से पहले ही जानकारी मिल जाती है और संदिग्ध सामान गायब हो जाता है। इससे शहर में चर्चा हो रही है कि विभाग से कौन पहले ही बाजार में दुकानदारों को सतर्क कर देता है। लोगों ने रैगुलर व औचक छापेमारी करने की जांग की है।

खासकर नकली देसी घी और मिलावटी खाने की चीज़ों की लैब टैस्टिंग कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो गोनियाना मंडी में गरीबों को परोसी जा रही हर नकली चीज़ें सेहत के लिए खतरा बन सकती है।

जब इस बारे में फ़ूड इंस्पैक्टर सुंधीर सिंघा ने कहा कि हम तीन-चार महीने में सैंपल लेते रहते हैं, लेकिन हम यह नहीं बता सकते कि हमने एक साल में कितने सैंपल लिए हैं और कितनी बार मंडी गए हैं। उन्होंने बताया कि हम तीन-चार महीने पहले गोनियाना मंडी आए थे और कुछ सैंपल लिए थे, लेकिन वह यह नहीं बता पाए कि कितने सैंपल लिए गए और उनमें से कितने फेल हुए। जब उनसे देसी घी 250 रुपए प्रति किलो मिलने की बात शेयर की तो उन्होंने कहा कि हम इस बारे में चैकिंग करेंगे।

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