संत सीचेवाल ने अधिकारियों की लगाई क्लास, जारी किए सख्त निर्देश

Edited By Sunita sarangal,Updated: 08 Aug, 2026 06:12 PM

saint seechewal meeting with municipal officials

इस बीच ताजपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स के पास सीचेवाल मॉडल के तहत बने अस्थायी तालाब से पिछले तीन हफ्तों से गोबर न हटाए जाने का मामला भी सामने आया।

लुधियाना(हितेश): बुड्ढा दरिया की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर हुई 41वीं समीक्षा बैठक में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने नगर निगम और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के अधिकारियों के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों पर सही ढंग से कार्रवाई न होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

बैठक में पता चला कि गौघाट गुरुद्वारा साहिब के पास बने पंपिंग स्टेशन पर गंदा पानी निकालने के लिए लगाई गई मोटरें पिछले 20 दिनों से खराब पड़ी हैं। संत सीचेवाल ने इस बारे में समय पर जानकारी न देने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि ऐसी लापरवाही से बुड्ढा दरिया की सफाई मुहिम पर असर पड़ता है।

इस बीच ताजपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स के पास सीचेवाल मॉडल के तहत बने अस्थायी तालाब से पिछले तीन हफ्तों से गोबर न हटाए जाने का मामला भी सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि इसका कारण गोबर डालने के लिए जगह की कमी थी। इस पर संत सीचेवाल ने हैरानी जताई और कहा कि अगर कोई समस्या थी, तो इसे तुरंत उनके ध्यान में क्यों नहीं लाया गया। उन्होंने कहा कि भुखारी खुर्द गांव में साढ़े पांच एकड़ ज़मीन उपलब्ध है, जहां गोबर का निपटान किया जा सकता है।

संत सीचेवाल ने कहा कि किसी भी कीमत पर बुड्ढा दरिया में प्रदूषण नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दरिया के पानी की गुणवत्ता पहले से काफी बेहतर हुई है, लेकिन इस सुधार को बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार काम करना ज़रूरी है। उन्होंने लुधियाना के निवासियों से भी अपील की कि वे अपनी विरासत बुड्ढा दरिया को बचाने के लिए आगे आएं।

बैठक में 21 अवैध डेयरियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, डेयरियों द्वारा दरिया में गोबर और मूत्र डालने पर रोक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के कामकाज, औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट जल के नमूने, ETP आउटलेट की जांच और दरिया के किनारे पौधे लगाने सहित 26 बिंदुओं पर चर्चा की गई। संत सीचेवाल ने कहा कि बुड्ढा नदी की सफ़ाई का काम सिर्फ़ बैठकों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके नतीजे ज़मीन पर साफ़ दिखने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेह बनाने, रुके हुए कामों को तय समय में पूरा करने और पहले लिए गए फ़ैसलों पर की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि बुड्ढा नदी को प्रदूषण-मुक्त बनाना सभी की मिली-जुली ज़िम्मेदारी है और इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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