Edited By Kalash,Updated: 31 Jan, 2026 11:06 AM

जहां एक तरफ विभाग के हजारों कर्मचारी अपनी प्रमोशन का इंतजार करते हुए रिटायर हो रहे हैं
लुधियाना (विक्की): जहां एक तरफ विभाग के हजारों कर्मचारी अपनी प्रमोशन का इंतजार करते हुए रिटायर हो रहे हैं और विभाग कभी टेट तो कभी कोर्ट केस का बहाना लगाकर उन्हें तरक्की से दूर रख रहा है, वहीं अब शिक्षा विभाग ने एक तुगलकी फरमान जारी किया है। विभाग ने 2 फरवरी से शुरू होने वाली 12वीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए प्राइमरी और मास्टर कैडर के कर्मचारियों को 12वीं कक्षा के प्रैक्टिकल एग्जामिनर के तौर पर ड्यूटी लगाकर 'तरक्की' दी है।
हैरानी की बात यह है कि इनमें से बहुत से अध्यापकों के पास प्रैक्टिकल विषय में मास्टर डिग्री भी नहीं है। इसके ऊपर से उनकी ड्यूटी भी 50-60 किलोमीटर दूर लगाकर उन्हें परेशानी में डाल दिया गया है। ऐसा लग रहा है कि यह परीक्षा विद्यार्थियों को परखने की जगह प्राइमरी और मास्टर कैडर को परखने के लिए है। परीक्षा का डर विद्यार्थियों से ज्यादा अध्यापकों को लग रहा है।
गवर्नमैंट स्कूल लेक्चरर यूनियन, पंजाब ने इस मुद्दे का गंभीर नोटिस लेते हुए सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। यूनियन ने विभाग से मांग की है कि इन ड्यूटियों में सुधार किया जाए और दूर-दराज लगाई गई ड्यूटियों को ब्लॉक के अंदर ही एडजस्ट किया जाए।
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