Edited By Urmila,Updated: 18 Mar, 2026 12:49 PM

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 8वीं और 10वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन (मार्किंग) के लिए अध्यापकों की लगाई गई 'डबल ड्यूटी' ने उनके लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है।
लुधियाना (विक्की): पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 8वीं और 10वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन (मार्किंग) के लिए अध्यापकों की लगाई गई 'डबल ड्यूटी' ने उनके लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। विशेष रूप से सोशल साइंस (सामाजिक शिक्षा) विषय के अध्यापकों को एक ही समय में 8वीं की कॉपियां चैक करने और 10वीं की ऑनलाइन मार्किंग करने का जिम्मा सौंपा गया है, जिससे उनमें भारी रोष है।
गवर्नमैंट स्कूल टीचर्स यूनियन पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुरिंद्र पुआरी, जिंदर पायलट, परमिंदर पाल सिंह कालिया, टहल सिंह सराभा, संजीव शर्मा, मनीष शर्मा और बलबीर सिंह कंग ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड और शिक्षा विभाग को अध्यापकों को किसी एक ड्यूटी से छूट देनी चाहिए, क्योंकि एक ही समय में दो जगहों पर हाजिर होना नामुमकिन है।
अध्यापक नेताओं ने बताया कि 8वीं कक्षा की सोशल साइंस विषय की 200 कॉपियों का बंडल अध्यापकों को पहले ही दिया जा चुका है, जिनमें से लगभग आधी कॉपियां चैक भी हो चुकी हैं। अब बोर्ड की नई हिदायतों के अनुसार, 18 मार्च से 10वीं कक्षा की ऑनलाइन मार्किंग शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। इससे अध्यापक दुविधा में हैं कि वे 8वीं का काम पूरा करें या उसे बीच में छोड़कर 10वीं की ऑनलाइन मार्किंग शुरू करें।
जत्थेबंदी ने मांग की है कि इस परेशानी को दूर करने के लिए विभाग स्पष्ट हिदायतें जारी करे। इसके अलावा, बोर्ड परीक्षाओं में 'ऑब्जर्वर' के तौर पर लगाई जाने वाली ड्यूटियां अध्यापकों के अपने ब्लॉक (पितृ ब्लॉक) में ही लगाने और ड्यूटियों का पैमाना एक समान रखने की भी मांग की गई है।
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