Edited By Subhash Kapoor,Updated: 11 Feb, 2026 05:58 PM

लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत अपराध की कमर तोड़ने के लिए अपनी कार्रवाई को तीसरे दिन और भी तेज कर दिया है। इस मुहिम का मुख्य मकसद शहर से "गैंगस्टर कल्चर" को जड़ से उखाड़ फेंकना और अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना...
लुधियाना (राज): लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत अपराध की कमर तोड़ने के लिए अपनी कार्रवाई को तीसरे दिन और भी तेज कर दिया है। इस मुहिम का मुख्य मकसद शहर से "गैंगस्टर कल्चर" को जड़ से उखाड़ फेंकना और अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि वरिष्ठ अधिकारी खुद फील्ड में मोर्चा संभाले नजर आए। आई.जी.पी. डॉ. एस. भूपति और पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने खुद ब्रीफिंग की और ग्राउंड जीरो पर छापेमारी की निगरानी की, ताकि अपराधियों को भागने का कोई मौका न मिले।
3 दिन, 245 छापेमारी और 232 गिरफ्तारियां
पुलिस की इस चौतरफा घेराबंदी के दौरान शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में 245 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस महा-ऑपरेशन में 950 पुलिसकर्मियों की फौज उतारी गई, जिन्होंने पिछले तीन दिनों में कुल 232 व्यक्तियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कई हाई-प्रोफाइल गैंगस्टर, मोस्ट वांटेड अपराधी और सालों से फरार चल रहे भगौड़े (POs) शामिल हैं। आरोपीयों 209 ग्राम हेरोइन, 92 प्रतिबंधित गोलियां और 5 ग्राम 'आइस' ड्रग। चार पिस्तौल (.32 बोर और देसी पिस्तौल) सहित भारी मात्रा में कारतूस। 45 चोरी के मोबाइल फोन, 15 दोपहिया वाहन और अवैध शराब की 10 पेटियां।इसके साथ ही पुलिस ने 4 ऐसे शातिर भगौड़े अपराधियों को भी दबोचा है जो लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे थे।

