Edited By Subhash Kapoor,Updated: 24 Jan, 2026 08:03 PM

जालंधर से कांग्रेसी विधायक और ओलंपियन परगट सिंह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा पत्रकारों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और चैनलों पर लगाए जा रहे स्ट्राइक के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के उपयोग को लेकर...
जालंधर : जालंधर से कांग्रेसी विधायक और ओलंपियन परगट सिंह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा पत्रकारों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और चैनलों पर लगाए जा रहे स्ट्राइक के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के उपयोग को लेकर सवाल पूछने वाले पत्रकारों पर दर्ज की गई एफआईआर (FIR) के मामले में भारतीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध है।
तानाशाही और हिटलर से की तुलना
परगट सिंह ने एक गंभीर मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि आज डिजिटल का दौर है, लेकिन पंजाब की ‘आप’ सरकार इस दौर में हिटलर से भी आगे निकल गई है। उन्होंने सरकार पर तानाशाही के आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि भगवंत मान सिर्फ आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री हैं या पंजाब के लोगों के?
कॉपीराइट एक्ट की दुरुपयोग का आरोप
विधायक ने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर कॉपीराइट एक्ट 1957 की परिभाषा को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। परगट सिंह के अनुसार, जिन पत्रकारों के डिजिटल चैनल हाल के दिनों में बंद किए गए हैं, उन्हें स्ट्राइक ‘आप’ के आधिकारिक पेज से दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में पत्रकारों पर की गई कार्रवाई 1957 के कानून के तहत सही नहीं है। कॉपीराइट का मतलब उस चीज़ पर अधिकार जताना होता है, जिसका सबसे पहले उपयोग किया गया हो, लेकिन यहां इसका इस्तेमाल सच की आवाज़ दबाने के लिए किया जा रहा है। परगट सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार की इस कार्रवाई से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) को निशाना बनाया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्होंने चुनाव आयोग और विधानसभा स्पीकर से संपर्क किया है।