Edited By Urmila,Updated: 11 Oct, 2026 09:50 AM

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की राज्य संगठन को फिर से एक्टिव करने की कोशिशों के बीच, नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के पदभार संभालने के समारोह को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
चंडीगढ़ (अंकुर): विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की राज्य संगठन को फिर से एक्टिव करने की कोशिशों के बीच, नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के पदभार संभालने के समारोह को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। रविवार को चंडीगढ़ सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में होने वाले इस समारोह के दौरान पार्टी की अंदरूनी एकता, सीनियर नेताओं के बीच तालमेल और नई लीडरशिप को मिले सपोर्ट पर फोकस रहेगा। पंजाब कांग्रेस इंचार्ज सचिन पायलट और AICC जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल समेत सेंट्रल लीडरशिप के प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस समारोह की अहमियत को और बढ़ा रही है।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की संभावित मौजूदगी की भी चर्चा है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद में बदलाव को सिर्फ पद परिवर्तन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। नए प्रधान परगट सिंह पर पार्टी के सीनियर नेताओं, विधायकों, पूर्व मंत्रियों और जिला लेवल के संगठन के बीच तालमेल बिठाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। पहले भी पार्टी के संगठन के फैसलों और लीडरशिप को लेकर अलग-अलग नेताओं के विचारों में मतभेद रहे हैं।
ऐसे में, नए प्रेसिडेंट के पद संभालने के समय सीनियर नेताओं की मौजूदगी और उनका रवैया राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन सकता है। जानकारी के मुताबिक, चन्नी और वड़िंग इन दिनों दिल्ली में राहुल गांधी के साथ वोटर सूचियों पर वोट चोरी के मुद्दे चल रहे विरोध प्रदर्शन में सरगरम हैं। इस बैकग्राउंड में, चंडीगढ़ में होने वाले इवेंट में उनके शामिल होने को लेकर दिलचस्पी है। दूसरी ओर, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी से इवेंट का संगठन महत्व और बढ़ जाएगा। सीनियर नेताओं, पूर्व मंत्रियों, सांसद मैंबरों, विधायिकों और संगठन के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के इवेंट में शामिल होने की उम्मीद है।
2027 के चुनाव से पहले ऑर्गनाइजेशनल टेस्ट
पंजाब में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए, कांग्रेस के लिए संगठन को एक्टिव करना, वर्कर्स से कॉन्टैक्ट मजबूत करना और सीनियर लीडर्स के बीच तालमेल बनाना जरूरी होगा। परगट सिंह के पद संभालने के इवेंट को इसी बड़े पॉलिटिकल कॉन्टेक्स्ट में देखा जा रहा है। इवेंट के दौरान सीनियर लीडर्स का शामिल होना, नए प्रेसिडेंट को मिला सपोर्ट और आगे की रणनीति को लेकर मिल रहे संकेत पंजाब कांग्रेस की आगे की दिशा पर बातचीत का आधार बन सकते हैं।
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