पंजाब में फर्जी इमिग्रेशन एजेंटों पर शिकंजा कसने की तैयारी, ED करेगी आर्थिक नेटवर्क की जांच

Edited By Vatika,Updated: 13 Oct, 2026 04:14 PM

punjab fake immigration centre

पंजाब में विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी इमिग्रेशन एजेंटों के खिलाफ अब सख्त

पंजाब डेस्कः पंजाब में विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी इमिग्रेशन एजेंटों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। विदेश मंत्रालय के निर्देशों के बाद जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अब पुलिस केवल FIR दर्ज करने या एजेंटों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनकी संपत्तियों, बैंक खातों और विदेश में बैठे मुख्य संचालकों की भी जांच की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में 3,505 ऐसे एजेंटों की पहचान की गई है, जो बिना रजिस्ट्रेशन के काम कर रहे हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें मिली हैं। इनमें बड़ी संख्या पंजाब से जुड़े एजेंटों की बताई जा रही है। विदेश मंत्रालय ने संबंधित एजेंटों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

1,274 फर्मों पर हुई थी छापेमारी
अमेरिका से भारतीय युवाओं के डिपोर्टेशन के मामलों के दौरान विभिन्न जांच एजेंसियों ने 1,274 फर्मों पर छापेमारी की थी। इनकी रिपोर्ट के आधार पर गृह मंत्रालय के निर्देश पर 24 एफआईआर दर्ज की गई थीं। अब इन मामलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जांच के दौरान जिन लोगों और एजेंटों के रिश्तेदारों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जा सकती है। वहीं, दोआबा क्षेत्र के 271 एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए भी राज्य पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। पंजाब पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।

लाइसेंस रद्द होने के बाद भी चल रहा कारोबार
जांच में एक बड़ी समस्या यह सामने आई है कि कई एजेंटों के लाइसेंस रद्द होने के बावजूद उनका कारोबार बंद नहीं हुआ। आरोप है कि कुछ एजेंट नए नाम, नई फर्म या पुराने मोबाइल नंबरों के जरिए दोबारा काम शुरू कर देते हैं। अब पुलिस ऐसे नेटवर्क की पहचान करने के साथ उनकी आर्थिक गतिविधियों की भी जांच करेगी।

विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए की वसूली
विदेश जाने के लिए अलग-अलग रास्तों और वीजा के नाम पर लोगों से लाखों रुपये वसूले जाने की जानकारी सामने आई है।

  • अमेरिका (डंकी रूट): 45 लाख से 55 लाख रुपए
  • कनाडा (वर्क परमिट): 25 लाख से 30 लाख रुपए
  • जर्मनी: करीब 25 लाख रुपए
  • पुर्तगाल: करीब 15 लाख रुपए
     

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