Edited By Kalash,Updated: 07 Oct, 2026 11:44 AM

मोहाली स्थित PUDA भवन में ED की कार्रवाई को लेकर GMADA और पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है।
पंजाब डेस्क : मोहाली स्थित PUDA भवन में ED की कार्रवाई को लेकर GMADA और पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। इसे लेकर दायर याचिका पर आज यानि बुधवार को चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच में सुनवाई होगी।
इस याचिका में सेक्टर-62 स्थित PUDA भवन में हुई 22 से 24 सितंबर के बीच हुई ED की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ED की कार्रवाई करीब 50 घंटे तक चली। वहीं इस कार्रवाई के दौरान 30 से अधिक बैग में दस्तावेज व अन्य रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए। इसके साथ ही आरोप हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से डेटा कॉपी किया गया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBI की एक FIR से जुड़े मामले में जांच के आधार पर ED द्वारा कार्रवाई की गई है। यह FIR तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर्स से संबंधित कथित 238 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में दर्ज हुई थी। इस FIR में GMADA या उसके किसी अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया था।
GMADA और पंजाब सरकार द्वारा ED की सर्च से जुड़े दस्तावेज और कार्रवाई के लिए जारी किए गए प्राधिकरण की जानकारी हाईकोर्ट से उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही याचिका में जब्त रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वापस करने तथा डिवाइस से कथित तौर पर कॉपी किए गए डेटा के इस्तेमाल या एक्सेस पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
याचिका में दावा किया गया है कि उनके कार्यालय और कथित वित्तीय अनियमितताओं के बीच कोई सीधा संबंध नहीं बताया गया। तर्क है कि यदि किसी रिकॉर्ड या लेनदेन की जांच के लिए जरूरत थी तो संबंधित दस्तावेज कानूनी प्रक्रिया के तहत मंगाए जा सकते थे। इसी आधार पर उन्होंने ED की सर्च और सर्वे कार्रवाई को कानून के अनुरूप नहीं होने का दावा करते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।
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