Edited By Kamini,Updated: 06 Apr, 2026 05:03 PM

स्कूल खुल चुके हैं, लेकिन नई पाठ्य-पुस्तकें अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है और अभिभावकों व शिक्षकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
पंजाब डेस्क: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही नौवीं कक्षा के छात्रों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल खुल चुके हैं, लेकिन नई पाठ्य-पुस्तकें अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है और अभिभावकों व शिक्षकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार, इस साल नेशनल कौंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने नौवीं कक्षा के सिलेबस में बदलाव किया है। नए पाठ्यक्रम के अनुसार किताबें प्रकाशित की जानी थीं, लेकिन प्रक्रिया में देरी के कारण विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी की किताबें अभी तक बाजार में नहीं पहुंची हैं।
ऐसे में कई स्कूलों में छात्रों को पुरानी किताबों, नोट्स या फिर 8वीं कक्षा की पुस्तकों के सहारे पढ़ाया जा रहा है। कुछ स्कूल फिलहाल पुराने सिलेबस से पढ़ाई करवा रहे हैं, लेकिन नई किताबें आने के बाद अभिभावकों को दोबारा नया सिलेबस खरीदना पड़ेगा, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा। शिक्षकों का कहना है कि सिलेबस में बदलाव के कारण पुरानी किताबों से पढ़ाना पूरी तरह संभव नहीं है। वहीं, किताब विक्रेताओं का कहना है कि नई किताबों का प्रकाशन अंतिम चरण में है और जल्द ही वे बाजार में उपलब्ध हो जाएंगी। इस बीच, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए डिजिटल माध्यमों से सामग्री उपलब्ध कराने की भी कोशिशें की जा रही हैं। अभिभावक गुरदेव सिंह ने बताया कि वे पिछले एक महीने से किताबों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बाजार में उपलब्धता न होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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