दिन के वक्त ही संभव हो सकेगा सिद्धू और मजीठिया का ‘टाकरा’

Edited By Vatika,Updated: 20 May, 2022 09:20 AM

navjot sidhu bikram majithiya

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक वर्ष की कठोर सजा सुनाए जाने के बाद भले ही अभी नवजोत सिंह सिद्धू के

चंडीगढ़/पटियाला(रमनजीत सिंह, बलजिंद्र): सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक वर्ष की कठोर सजा सुनाए जाने के बाद भले ही अभी नवजोत सिंह सिद्धू के पास कुछ कानूनी विकल्प बचे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऑफिशियल तौर पर जिला सैशन जज पटियाला या पंजाब हाईकोर्ट के जरिए पंजाब पुलिस के पास पहुंचते ही उन्हें जेल भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

क्योंकि जिस केस में नवजोत सिंह सिद्धू को सजा सुनाई गई है, वह पुलिस स्टेशन कोतवाली पटियाला से संबंधित है, इसलिए पूरी संभावना है कि नवजोत सिंह सिद्धू को केंद्रीय जेल पटियाला में ही सजा काटने के लिए भेजा जाएगा। खास बात यह है कि ड्रग्स के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद से अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया भी केंद्रीय जेल पटियाला में ही हवालाती के तौर पर बंद हैं। दोनों के बीच राजनीतिक तल्खी किसी से छुपी नहीं है और मजीठिया के खिलाफ नया केस दर्ज कराने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा ही चन्नी सरकार के वक्त दबाव बनाया गया था।  

अलग-अलग बंद किए जाते हैं कैदी और हवालाती
केंद्रीय जेल पटियाला में सजायाफ्ता कैदियों और हवालातियों को अलग-अलग जगहों पर बंद किया जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी हवालाती किसी भी हालत में कैदियों के सैल में न बंद हो, जिसके लिए ‘पुकार’ और ‘बंदी’ की जाती है। हालांकि दिन के वक्त जब कैदियों व हवालातियों को खुले में छोड़ा जाता है, तब संभव हो सकता है कि सजायाफ्ता कैदियों और हवालातियों का आमना-सामना हो जाए, लेकिन बिक्रम सिंह मजीठिया क्योंकि जोड़ा चक्कियों में रखे गए हैं और वह जेल के दूसरे हिस्सों की तरफ नहीं जाते, इसलिए यह संभावना कम है कि सिद्धू और मजीठिया का आमना-सामना हो जाए, क्योंकि कैदियों को जोड़ा चक्कियों की तरफ जाने की इजाजत ही नहीं है। हवालातियों को घर से लाए कपड़े इत्यादि पहनने की छूट होती है, जबकि कैदियों को जेल विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जाने वाले कपड़े ही पहनने होते हैं। 

क्या हो सकता है
सुप्रीम कोर्ट द्वारा करीब 34 वर्ष पुराने मामले में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को एक वर्ष जेल की सजा सुनाए जाने के बाद सिद्धू को अब खुद कोर्ट के सामने सरैंडर करना होगा। शीर्ष अदालत के आदेश को पंजाब के डी.जी.पी. या फिर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से संबंधित जिला सैशन जज को अनुपालन के लिए भेजा जाएगा। जिला सैशन जज तय करेंगे कि सिद्धू को सरैंडर के लिए आगे क्या किया जाना है।

Related Story

Trending Topics

West Indies

137/10

26.0

India

225/3

36.0

India win by 119 runs (DLS Method)

RR 5.27
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!