Edited By Urmila,Updated: 11 Oct, 2026 09:32 AM

जालंधर नगर निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी फौज है, जिनके वेतन पर ही सालाना करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होते हैं।
जालंधर (खुराना): जालंधर नगर निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी फौज है, जिनके वेतन पर ही सालाना करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इसके बावजूद निगम के कामकाज में लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शहर में सड़कों की खराब हालत और बार-बार टूटने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं हो रही है।
इन दिनों कमल पैलेस से शास्त्री मार्केट की ओर जाने वाली सड़क के एक किनारे जगह-जगह गड्ढे खोदे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां कोई तार बिछाने का काम चल रहा है, लेकिन लोगों और दुकानदारों को यह तक पता नहीं कि काम कौन-सा विभाग करवा रहा है और इसके पीछे कौन-सा ठेकेदार है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क तोड़कर गड्ढे खोदने का काम रात के अंधेरे में किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम का कोई अधिकारी मौके पर आकर यह जांच करने नहीं पहुंचा कि काम किस विभाग की ओर से करवाया जा रहा है और सड़क खोदने की अनुमति ली गई है या नहीं।
शनिवार शाम को हुई बारिश के बाद गड्ढों में भरी मिट्टी बैठ गई, जिससे वहां काफी गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। दुकानदारों और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम का बिल्डिंग एंड रोड्स (बी एंड आर) विभाग पहले ही शहर की सड़कों की खराब हालत को लेकर सवालों के घेरे में है। नई सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही टूटने लगती हैं, लेकिन उनकी क्वालिटी की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर कोई ठोस कदम नजर नहीं आता।
अब कमल पैलेस से शास्त्री मार्कीट जाने वाली सड़क पर बिना स्पष्ट जानकारी के हो रही खुदाई ने निगम की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की मांग है कि नगर निगम इस काम की जांच करवाए, जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार की पहचान करे तथा गड्ढों को तुरंत भरवाकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि कोई हादसा न हो। यदि यह काम बिना परमिशन हो रहा है तो तुरंत एक्शन लिया जाए ।
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