लुधियाना के कैफे को लगा बड़ा झटका, सर्विस चार्ज लेने पर आयोग ने लगाया भारी जुर्माना

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 12 Aug, 2026 09:54 PM

major setback for a ludhiana cafe

साउथ सिटी स्थित कैफे एलिजाबेथ-III द्वारा बिल में कथित तौर पर जबरन सर्विस चार्ज जोड़ना कैफे को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, लुधियाना ने कैफे को उपभोक्ता से वसूले गए ₹52.50 के सर्विस चार्ज को 8 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने के आदेश...

लुधियाना (मेहरा): साउथ सिटी स्थित कैफे एलिजाबेथ-III द्वारा बिल में कथित तौर पर जबरन सर्विस चार्ज जोड़ना कैफे को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, लुधियाना ने कैफे को उपभोक्ता से वसूले गए ₹52.50 के सर्विस चार्ज को 8 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने ₹10,000 बतौर मुआवजा और मुकदमेबाजी खर्च अदा करने का भी निर्देश दिया है।

यह आदेश आयोग के अध्यक्ष संजीव बत्रा और सदस्य मोनिका भगत ने हैबोवाल कलां निवासी ऋषभ गुप्ता की शिकायत पर सुनाया। कैफे को नोटिस जारी होने के बावजूद उसके प्रतिनिधि आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए, जिसके बाद मामले की सुनवाई एकतरफा की गई।

शिकायतकर्ता के अधिवक्ता पुष्कर मोहिंद्रू के अनुसार, ऋषभ गुप्ता 24 जनवरी 2026 को अपने दोस्तों के साथ कैफे पहुंचा था। उसने पिज्जा और डाइट कोक का ऑर्डर किया। डाइट कोक बंद कैन में दिया गया, लेकिन बिल तैयार करते समय कैफे ने 5 प्रतिशत सर्विस चार्ज के रूप में ₹52.50 अतिरिक्त जोड़ दिए। जीएसटी सहित कुल बिल ₹1,155 का बना।

गुप्ता ने सर्विस चार्ज पर आपत्ति जताते हुए कैफे कर्मचारियों से इसे हटाने को कहा। आरोप है कि कैफे प्रतिनिधि ने चार्ज हटाने से इनकार कर दिया और इसे प्रतिष्ठान की सामान्य प्रक्रिया बताया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 6 फरवरी को कैफे को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

आयोग ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा 4 जुलाई 2022 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार होटल और रेस्टोरेंट उपभोक्ताओं के बिल में स्वतः या डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते। किसी अन्य नाम से भी इस प्रकार का शुल्क वसूलना प्रतिबंधित है और उपभोक्ता को इसके भुगतान के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

आयोग ने कैफे को ₹52.50 की राशि 24 जनवरी 2026 से भुगतान तक 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए। इसके अलावा ₹10,000 बतौर समग्र मुआवजा और मुकदमेबाजी खर्च भी अदा करने होंगे।

बिलिंग सिस्टम में भी करना होगा बदलाव

आयोग ने कैफे को अपने सॉफ्टवेयर आधारित बिलिंग सिस्टम में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सर्विस चार्ज स्वतः बिल में शामिल न हो। किसी अन्य नाम से ऐसा शुल्क जोड़ने पर भी रोक रहेगी।

आयोग ने आदेश की प्रति प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सभी निर्देशों का पालन करने को कहा है।

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