Edited By Subhash Kapoor,Updated: 11 Aug, 2026 07:43 PM

जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जगराओं में डी.एल.एड. शैक्षणिक सत्र 2025-27 की पढ़ाई कर रहे कई स्टूडेंट्स को डा.बी आर अंबेदकर स्कॉलरशिप का पैसा नहीं मिलने का मामला सामने आया है। वजह यह है कि डाइट स्टाफ की ओर से ही पहले स्टूडेंट्स से...
लुधियाना (विक्की) : जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जगराओं में डी.एल.एड. शैक्षणिक सत्र 2025-27 की पढ़ाई कर रहे कई स्टूडेंट्स को डा.बी आर अंबेदकर स्कॉलरशिप का पैसा नहीं मिलने का मामला सामने आया है। वजह यह है कि डाइट स्टाफ की ओर से ही पहले स्टूडेंट्स से डाक्यूमेंट लेने के बाद इसे अगली प्रकिया के लिए नहीं भेजा गया जिसकी वजह से स्टूडेंट्स आज भी अपनी स्कॉलरशिप से वंचित हैं। इस बारे प्रभावित करीब 34 स्टूडेंट्स ने डाइट के प्रिंसिपल गुरदीप सिंह को लिखित में शिकायत देकर जांच करवाने की माँग करने के साथ स्कॉलरशिप दिलवाने की मांग की है।
बता दें कि सरकार की और से उक्त स्कॉलरशिप के तहत प्रति विद्यार्थी को स्कॉलरशिप के रूप में 12 हजार रुपए हर साल बैंक खाते में भेजे जाते हैं। प्रिंसिपल गुरदीप सिंह ने उक्त मामले में स्टूडेंट्स की शिकायत के आधार पर स्टेट काउंसिल फॉर एजूकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एस सी ई आर टी ) को पूरे मामले की जाँच करवाने की सिफ़ारिश भी कर दी है। एस सी ई आर टी को लिखे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह मामला बेहद संवेदनशील और पंजाब सरकार द्वारा विद्यार्थियों को मिलने वाले सीधे वित्तीय लाभ से जुड़ा हुआ है। उन्होंने निदेशक से अनुरोध किया है कि मूल रूप से भेजी गई शिकायत की गहन पड़ताल (जांच) करवाई जाए ताकि असल सच्चाई सामने आ सके और विद्यार्थियों के वित्तीय नुकसान की भरपाई हो सके।
जानकारी के मुताबिक डाइट जगराओं के विद्यार्थियों द्वारा प्रिंसिपल को दी सामूहिक शिकायत में बताया है कि उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कॉलरशिप के तहत पिछले वर्ष आवेदन किया था और इससे संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज संस्था में जमा भी करवा दिए थे। विद्यार्थियों का आरोप है कि पंजाब के अन्य सभी डाइट संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के बैंक खातों में वर्ष 2025-26 की स्कॉलरशिप राशि जमा हो चुकी है, लेकिन डाइट जगराओं के विद्यार्थियों को अभी तक यह राशि प्राप्त नहीं हुई है।
स्कॉलरशिप इंचार्ज ने स्टूडेंट्स को ही ठहराया कसूरवार
विद्यार्थियों ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि जब उन्होंने स्कॉलरशिप इंचार्ज से इस बाबत बात की तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय उलटा कसूरवार ठहराया गया। विद्यार्थियों के अनुसार स्कॉलरशिप इंचार्ज ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि जब पोर्टल खुला था, तब उनके बैच के लड़के फाइलें लेकर स्कॉलरशिप जमा करवाने नहीं गए थे। विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें बिना वजह इस लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही।
क्या कहते हैं प्रिंसिपल
इस बारे प्रिंसिपल गुरदीप सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा मुझे स्टूडेंट्स ने लिखत में शिकायत की है। शिकायत की जांच करवाने के लिए एस सी ई आर टी को लिख दिया गया है।