Ludhiana : गुमशुदगी या अपहरण? पश्चिम बंगाल के मजदूर केस में आया नया मोड़

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 01 Aug, 2026 11:14 PM

ludhiana new twist in the west bengal laborer case

पश्चिम बंगाल के एक मजदूर के रहस्यमय ढंग से लापता होने तथा उसके परिवार से दोराहा पुलिस के नाम पर फिरौती मांगे जाने के सनसनीखेज मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई जीरो एफ.आई.आर. के आधार पर अब थाना दोराहा में भारतीय...

दोराहा (विनायक): पश्चिम बंगाल के एक मजदूर के रहस्यमय ढंग से लापता होने तथा उसके परिवार से दोराहा पुलिस के नाम पर फिरौती मांगे जाने के सनसनीखेज मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई जीरो एफ.आई.आर. के आधार पर अब थाना दोराहा में भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की आगे की जांच ए.एस.आई. सतपाल सिंह को सौंपी गई है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सालानपुर थाना, आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (पश्चिम बंगाल) द्वारा पत्र संख्या 18140A दिनांक 21 जुलाई 2026 के माध्यम से जीरो एफ.आई.आर. संख्या 53299900324001 थाना दोराहा को भेजी गई। शिकायतकर्ता सोमा माजी ने बताया कि उनका 42 वर्षीय भाई सुरजीत मंडल पिछले लगभग दो वर्षों से पंजाब के कानेच स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत था तथा दोराहा के निकट किराये के मकान में रहता था।

शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर 2024 को सुरजीत मंडल अपनी माता से मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहा था कि अचानक कॉल कट गई। इसके बाद उसकी ओर से कोई संपर्क नहीं हुआ और उसका मोबाइल लगातार बंद अथवा "नॉट रीचेबल" आता रहा। परिजनों ने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।

मामले में सबसे चौंकाने वाला घटनाक्रम 23 सितंबर 2024 को सामने आया, जब शिकायतकर्ता को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने दावा किया कि सुरजीत मंडल को दोराहा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तथा उसकी रिहाई के लिए तुरंत पैसे भेजने होंगे। इतना कहकर उसने फोन काट दिया। इस कॉल के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई तथा उन्हें आशंका हुई कि मामला केवल गुमशुदगी का नहीं, बल्कि फिरौती या किसी गंभीर आपराधिक साजिश से जुड़ा हो सकता है।

इसके बाद 23 अक्टूबर 2024 को शिकायतकर्ता का पति पंजाब पहुंचा और सुरजीत मंडल के नियोक्ता से संपर्क किया। नियोक्ता ने बताया कि सुरजीत एक दुर्घटना का शिकार हुआ था, जिसमें उसके हाथ की चार उंगलियां कट गई थीं। परिवार का आरोप है कि उन्हें घटना के संबंध में पूरी जानकारी नहीं दी गई और स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सहयोग भी नहीं मिला। इसी कारण परिजनों ने आशंका व्यक्त की कि सुरजीत मंडल का अपहरण कर फिरौती मांगने जैसी वारदात हो सकती है।

इन आरोपों के आधार पर सालानपुर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) 2023 की धाराओं 137(2), 140(2) एवं 61 के तहत मामला दर्ज कर जांच के लिए इसे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, खन्ना को स्थानांतरित कर दिया। मामला दोराहा थाना क्षेत्र से संबंधित होने के कारण अब थाना दोराहा पुलिस ने जीरो एफ.आई.आर. के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस द्वारा मामले के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान लापता मजदूर की गतिविधियों, कथित दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों, फिरौती मांगने वाली कॉल की सत्यता, कॉल करने वाले की पहचान तथा अन्य डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों की भी विस्तृत पड़ताल की जाएगी, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

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