लुधियाना में अब AI से होगी हर गतिविधि पर नजर, नशा तस्करों और गैंगस्टरों की भी खैर नहीं

Edited By Kalash,Updated: 05 May, 2026 05:32 PM

ludhiana integrated command and control center

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव आज ने लुधियाना को 'स्मार्ट और सुरक्षित शहर' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने पुलिस कमिश्नरेट में अत्याधुनिक 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' (ICCC) का उद्घाटन किया।

लुधियाना (राज): पंजाब के डीजीपी गौरव यादव आज ने लुधियाना को 'स्मार्ट और सुरक्षित शहर' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने पुलिस कमिश्नरेट में अत्याधुनिक 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' (ICCC) का उद्घाटन किया। इस नए आईसीसीसी सेंटर के शुरू होने से अब पूरे शहर की निगरानी एक ही छत के नीचे से होगी। ट्रैफिक, पीसीआर और जिला कंट्रोल रूम को आपस में जोड़ दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच सके। शहर के 46 मुख्य चौराहों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) सक्रिय कर दिया गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 9 अलग-अलग तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को खुद-ब-खुद पकड़ लेगा। इसके अलावा, इमरजेंसी वाहनों और ऑर्गन ट्रांसप्लांट टीमों के लिए विशेष 'ग्रीन कॉरिडोर' की सुविधा भी दी गई है।

जंग-ए-मैदान में पुलिस का दबदबा 

डीजीपी ने 'युद्ध नशियां विरुद्ध' और 'गैंगस्टरों पर वार' अभियानों की प्रगति पर संतोष जताया। आंकड़ों के मुताबिक, लुधियाना पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 810 लोगों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में हेरोइन, अफीम और चूरा पोस्त बरामद की है। वहीं, गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई में 229 गिरफ्तारियां हुई हैं और भारी तादाद में हथियार बरामद किए गए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त पंजाब का सपना हर हाल में पूरा किया जाएगा।इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि नशा तस्करों और गैंगस्टरों के खिलाफ पंजाब पुलिस का अभियान अब और भी तेज होगा। डीजीपी ने अपराध की समीक्षा की और पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाया।

जवानों के साथ जमीनी संवाद और सम्मान 

ड्यूटी के तनाव को कम करने और पुलिस बल के मनोबल को ऊंचा करने के लिए डीजीपी गौरव यादव और पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने करीब 550 पुलिसकर्मियों के साथ बैठकर पारंपरिक 'बड़ा खाना' खाया। इस दौरान उन्होंने कांस्टेबलों से लेकर उच्च अधिकारियों तक से सीधा संवाद किया। बेहतरीन सेवा निभाने वाले 51 पुलिस कर्मियों को डीजीपी कमेंडेशन डिस्क और क्लास-1 सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया गया। डीजीपी ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीक का इस्तेमाल लोगों की जान बचाने और कानून का राज स्थापित करने के लिए है, और पुलिस अपने जवानों के कल्याण के साथ-साथ समाज से अपराध के खात्मे के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।

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