Edited By Kalash,Updated: 01 Nov, 2026 04:38 PM

अधिकृत माइनिंग साइटों की आड़ में चल रहे अवैध खनन और नियमों के खुले उल्लंघन पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए लुधियाना जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
लुधियाना (राज, अनिल): अधिकृत माइनिंग साइटों की आड़ में चल रहे अवैध खनन और नियमों के खुले उल्लंघन पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए लुधियाना जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। डिप्टी कमिश्नर (DC) लुधियाना ने जिले में खनन गतिविधियों की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश जारी किए हैं कि जब तक सभी स्वीकृत माइनिंग साइटों पर निर्धारित सुरक्षा और निगरानी उपाय पूरे नहीं हो जाते, तब तक जिले में खनन कार्य पूरी तरह निलंबित रहेगा। यह सख्त कदम पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (Hon'ble Punjab and Haryana High Court) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, ताकि फील्ड में तैनात सिविल प्रशासन और पुलिस अधिकारी वैध व अवैध गतिविधियों के बीच स्पष्ट अंतर कर तुरंत सख्त कार्रवाई कर सकें।
जीपीएस के बिना नहीं चलेंगे वाहन, विंडस्क्रीन पर लगाना होगा मंजूरी पत्र
समीक्षा बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने वाहनों की आवाजाही को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं:
1. जीपीएस और सूची साझा करना: खनन सामग्री की ढुलाई में लगे प्रत्येक टिप्पर और ट्रॉली पर चालू हालत में जीपीएस (GPS) ट्रैकर लगा होना अनिवार्य होगा। ऐसे सभी अधिकृत वाहनों की पूरी सूची संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और स्थानीय पुलिस थानों के साथ अनिवार्य रूप से साझा की जाएगी।
2. विंडस्क्रीन पर डिस्प्ले: प्रत्येक अधिकृत वाहन की सामने वाली विंडस्क्रीन पर वैध अप्रूवल लेटर (मंजूरी पत्र) की प्रति प्रमुखता से चस्पा करनी होगी।
3. तय रूट व समय-सीमा: खनन सामग्री का परिवहन केवल पूर्व-स्वीकृत मार्गों (Approved Routes) से और तयशुदा कार्य घंटों के भीतर ही किया जा सकेगा।
4. साइट पर बड़ा साइनबोर्ड: प्रत्येक माइनिंग साइट पर एक बड़ा साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, जिस पर ठेकेदार का नाम, अप्रूवल नंबर, वैधता अवधि (Validity Period) और कार्य के निर्धारित घंटे स्पष्ट रूप से दर्ज होने चाहिए।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ये सुरक्षा मानक केवल कागजी औपचारिकता बनकर नहीं रहने चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त प्रवर्तन तंत्र (Enforcement Mechanism) के रूप में काम करने चाहिए। तय रूट से बाहर भटकने, बिना जीपीएस चलने या तय समय के बाहर दौड़ने वाले किसी भी वाहन को सीधा उल्लंघन माना जाएगा और सख्त कानूनी धाराओं के तहत निपटा जाएगा।
ड्रेनेज-कम-माइनिंग अफसर को 7 दिन का अल्टीमेटम, SDM करेंगे फिजिकल वेरिफिकेशन
प्रशासनिक अनुपालन के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने ड्रेनेज-कम-डिस्ट्रिक्ट माइनिंग ऑफिसर को निर्देश दिया कि आगामी 7 दिनों के भीतर प्रत्येक माइनिंग साइट पर इन तमाम सुरक्षा मानकों को लागू करवाया जाए।उन्होंने स्पष्ट आदेश दिए कि संबंधित एसडीएम द्वारा मौके पर जाकर 'फिजिकल वेरिफिकेशन' (भौतिक सत्यापन) किए जाने के बाद ही अनुपालन रिपोर्ट स्वीकार की जाएगी। जब तक सभी निर्धारित सुरक्षा उपाय पूरी तरह लागू और सत्यापित नहीं हो जाते, तब तक जिले में माइनिंग ऑपरेशन पूरी तरह बंद रहेंगे।
RTA को 24 घंटे चेकिंग के निर्देश, सतलुज बांधों व लिंक सड़कों पर रहेगा पहरा
रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) को निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध अनधिकृत और ओवरलोडेड रेत के टिप्परों के खिलाफ दिन-रात व्यापक चेकिंग अभियान शुरू करें। विशेष रूप से दरियाई क्षेत्रों, सतलुज बांधों (Sutlej Bandhs) और ग्रामीण लिंक सड़कों से निकलने वाले रास्तों पर लगातार नाके लगाए जाएं। बिना वैध अनुमति सामग्री ढोने वाले वाहनों को तत्काल मौके पर इंपाउंड (जब्त) किया जाए और आवश्यकतानुसार चालकों व मालिकों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए। बार-बार नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहनों के परमिट सस्पेंड या रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दरियाई इलाकों में पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग होगी तेज, मशीनरी होगी सीज
डिप्टी कमिश्नर ने पुलिस विभाग को आदेश दिया कि दरियाई और संवेदनशील इलाकों की तरफ जाने वाले तमाम रास्तों पर पुलिस नाकाबंदी पुख्ता की जाए और रात के समय गश्त (नाईट पेट्रोलिंग) बढ़ाई जाए। यदि कोई भी वाहन, पोकलेन या भारी मशीनरी अवैध खनन या अनधिकृत परिवहन में लिप्त पाई जाती है, तो उसे तुरंत जब्त कर जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ सख्त आपराधिक मुकद्दमा दर्ज किया जाए।
लापरवाही बरतने वाले फील्ड अफसरों की तय होगी जवाबदेही
डिप्टी कमिश्नर ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि इन सभी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने की सीधी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और फील्ड अधिकारियों की होगी। आदेशों का असर धरातल पर प्रत्यक्ष रूप से दिखना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि अधिकृत खनन गतिविधियों को निर्धारित कानूनी दायरे में ही चलने की इजाजत होगी, लेकिन वैध साइटों की आड़ लेकर अवैध खनन या ओवरलोडिंग करने की किसी भी कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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