लुधियाना में इमिग्रेशन ऑफिस फायरिंग केस सुलझा, शूटर गिरफ्तार, हुए खुलासे

Edited By Kalash,Updated: 22 Oct, 2026 05:28 PM

immigration office firing case in ludhiana solved

महानगर के अति-सुरक्षित व पॉश इलाके मॉडल टाउन स्थित 'राइट वे (ब्राइट वे) वीजा इमिग्रेशन' के दफ्तर पर देर रात हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के सनसनीखेज मामले को कमिश्नरेट पुलिस ने तकनीकी पड़ताल के बाद सुलझा लिया है।

लुधियाना (राज): महानगर के अति-सुरक्षित व पॉश इलाके मॉडल टाउन स्थित 'राइट वे (ब्राइट वे) वीजा इमिग्रेशन' के दफ्तर पर देर रात हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के सनसनीखेज मामले को कमिश्नरेट पुलिस ने तकनीकी पड़ताल के बाद सुलझा लिया है। पुलिस ने फायरिंग करने वाले मुख्य शूटरों में से एक आरोपी को वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबरी मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि इमिग्रेशन संचालक से विदेश बैठे गैंगस्टरों द्वारा मोटी फिरौती मांगी गई थी और रंगदारी न देने पर दहशत फैलाने के मकसद से दफ्तर पर गोलियां चलवाई गई थीं। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है, जबकि उसके फरार साथी और विदेश में बैठे साजिशकर्ताओं के खिलाफ शिकंजा कस दिया गया है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, 10 और 11 अक्टूबर  की दरमियानी रात बिना नंबर की काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो अज्ञात युवक मॉडल टाउन स्थित ब्राइट वे वीजा इमिग्रेशन के दफ्तर के बाहर पहुंचे थे। बदमाशों ने दफ्तर को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की और वारदात को अंजाम देने के बाद हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए थे। शिकायतकर्ता भानव आहूजा  के बयानों पर थाना मॉडल टाउन में 11 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज किया गया था। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर विशेष जांच टीमों का गठन किया गया था।

विदेश में बैठे वरिंदर चारन व जगजीत गांधी ने रची थी फिरौती की साजिश 

पुलिस की वैज्ञानिक व तकनीकी तफ्तीश के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि इमिग्रेशन दफ्तर पर गोलियां चलाने वाले दोनों शूटर दीपक कुमार पुत्र अशोक कुमार (निवासी गली नंबर 3, हजूरी बाग कॉलोनी, मेट्रो भट्ठियां, नजदीक अशोक आटा चक्की, सलेम टाबरी, लुधियाना) गगनदीप पुत्र कृष्ण कुमार (निवासी सीलमपुर, दिल्ली) थे। जांच में सामने आया कि इन दोनों ने यह फायरिंग विदेश में बैठे अपने गैंग के साथियों—वरिंदर चारन (मूल निवासी झुंझुनू, राजस्थान) और जगजीत सिंह उर्फ गांधी पुत्र जोरा सिंह (मूल निवासी गांव बुटाहरी, लुधियाना)—के सीधे निर्देशों पर की थी। वरिंदर चारन और जगजीत गांधी ने ब्राइट वे वीजा इमिग्रेशन के मालिक से रंगदारी (एक्सटॉर्शन मनी) की मांग की थी। मालिक द्वारा फिरौती की रकम देने से साफ इनकार करने पर विदेश बैठे इन अपराधियों ने खौफ पैदा करने के लिए दोनों स्थानीय शूटरों को भेजकर गोलियां चलवाई थीं।

शूटर दीपक कुमार गिरफ्तार, बिना नंबरी स्प्लेंडर बाइक बरामद 

मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम ने सटीक इनपुट के आधार पर दबिश देकर मुख्य शूटर दीपक कुमार को सलेम टाबरी इलाके से काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (बिना नंबरी) बरामद कर ली है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 10वीं पास आरोपी दीपक कुमार से हथियार व नेटवर्क को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।

अदालत से रिमांड हासिल, दिल्ली के शूटर व विदेशी साथियों पर कार्रवाई तेज 

पुलिस ने आरोपी दीपक कुमार को स्थानीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि वारदात में शामिल दिल्ली निवासी दूसरे फरार शूटर गगनदीप की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली और पंजाब के कई संभावित ठिकानों पर पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही विदेश में बैठकर फिरौती का नेटवर्क चला रहे वरिंदर चारन और जगजीत सिंह उर्फ गांधी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) और प्रत्यर्पण संबंधी कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को भी जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

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