Edited By Kalash,Updated: 12 Mar, 2026 02:24 PM

ईरान-इजरायल जंग के बीच गैस सप्लाई प्रभावित होने का असर अब पंजाब पर भी दिखने लग पड़ा है।
खन्ना (विपन): ईरान-इजरायल जंग के बीच गैस सप्लाई प्रभावित होने का असर अब पंजाब पर भी दिखने लग पड़ा है। एशिया की सबसे बड़ी लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ की इंडस्ट्री भी इससे प्रभावित होने लगी है। गैस कंपनियों ने यहां की इंडस्ट्रियल यूनिट्स को मिलने वाली गैस सप्लाई में करीब 70 परसेंट की कटौती कर दी है। इसके साथ ही गैस की कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं, जिससे इंडस्ट्रियलिस्ट काफी चिंता में हैं। इंडस्ट्रियलिस्ट का कहना है कि ऐसे में इंडस्ट्री हफ्ते में सिर्फ 2 दिन ही चल पाएगी और बाकी 5 दिन इंडस्ट्री को बंद रखना पड़ सकता है।
ऑल इंडिया स्टील री-रोलर्स एसोसिएशन, नई दिल्ली के प्रधान विनोद वशिष्ठ ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने नोटिस जारी कर पूरी इंडस्ट्री को PNG पर चलाने का निर्देश दिया है। पहले इंडस्ट्री को जरूरत से करीब 20 परसेंट ज्यादा शराब मिलती थी यानि करीब 120 परसेंट सप्लाई होती थी पर अब जरूरी गैस में करीब 50 परसेंट कट लगा दिया गया है। ऐसे हालात में इंडस्ट्री हफ्ते में मुश्किल से 2 दिन ही चल सकेगी और इंडस्ट्री को 5 दिन बंद भी करना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया PNG पर इंडस्ट्री चलाने के लिए नई भट्टी लगाने पर डेढ़ से दो करोड़ रुपये का खर्च आता है। अगर ऐसी भट्टी में कोयले का प्रयोग किया जाए तो ये खराब हो जाती है और फिर नई भट्टी लगानी पड़ती है। ऐसे में इंडस्ट्री के लिए बार-बार इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट करना संभव नहीं है। इंडस्ट्रियलिस्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि जब तक गैस सप्लाई स्थिर नहीं हो जाती तब तक कम से कम एक साल के लिए कोयले और अन्य ईंधन के इस्तेमाल की इजाजत दी जाए। उन्होंने ये भी मांग की है कि पूरे देश में इंडस्ट्री के लिए एक जैसी पॉलिसी बनाई जाए, ताकि कॉम्पिटिशन में बराबरी रहे और डस्ट्री को राहत मिल सके।
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