Edited By Kamini,Updated: 22 Sep, 2026 11:31 AM

श्री मुक्तसर साहिब-कोटकपूरा मेन रोड पर गांव वड़िंग के पास से गुजरने वाली राजस्थान कैनाल और सरहिंद फीडर नहरों के पुल और खतरनाक ढलान वाले किनारे गाड़ी चलाने वालों के लिए लगातार खतरे का सबब बने हुए हैं।
श्री मुक्तसर साहिब (पवन तनेजा, खुराना) : श्री मुक्तसर साहिब-कोटकपूरा मेन रोड पर गांव वड़िंग के पास से गुजरने वाली राजस्थान कैनाल और सरहिंद फीडर नहरों के पुल और खतरनाक ढलान वाले किनारे गाड़ी चलाने वालों के लिए लगातार खतरे का सबब बने हुए हैं। हालात यह हैं कि सड़क का लेवल ऊंचा है जबकि नहरों के किनारे नीचे की ओर ढलान वाले हैं, लेकिन एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही के कारण यहां अभी तक कोई पुख्ता सेफ्टी इंतजाम नहीं किए गए हैं।
गौरतलब है कि 19 सितंबर 1993 को कोटकपूरा से आ रही यात्रियों से भरी रोडवेज बस राजस्थान कैनाल में गिर गई थी, जिसमें एक यात्री को छोड़कर सभी यात्रियों की मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाले हादसे को 33 साल बीत जाने के बावजूद हालात वैसे ही हैं। इसके अलावा, लगभग 3 साल पहले 19 सितंबर को एक प्राइवेट कंपनी की बस के सरहिंद फीडर कैनाल में गिरने से तीन यात्रियों की जान चली गई थी। इस बारे में जानकारी देते हुए समाजसेवी नवदीप सिंह सुखी ने बताया कि इन हादसों के बावजूद दोनों नहरों के किनारे पूरी तरह से सेफ्टी से खाली हैं। ठंड और कोहरे के दिनों में इस जगह पर हादसों का खतरा और भी बढ़ जाता है। पुल के सकरे होने और सड़क से नहर तक ढलान तेज होने की वजह से कोहरे के दौरान ड्राइवरों को नहर के किनारे साफ दिखाई नहीं देते। नहरें बहुत गहरी और पक्की हैं। इसलिए हर समय जान का खतरा बना रहता है।
इलाके के लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि नहर के पुलों के कोटकपूरा और श्री मुक्तसर साहिब दोनों तरफ मजबूत सेफ्टी वॉल बैरियर बनाए जाएं। रात और कोहरे के दौरान ड्राइवरों को जागरूक करने के लिए ब्लिंकर, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। नहर के पुल के पास पहुंचने से पहले सड़क पर हंप बनाए जाएं ताकि गाड़ियों की स्पीड धीमी हो सके।
टोल कंपनी के अधूरे वादे
जब यहां टोल प्लाजा कंपनी चालू हुई थी, तो उसने इस पुल को चौड़ा करने का वादा किया था। इस संबंध में कंपनी द्वारा कुछ खुदाई भी की गई, लेकिन बाद में न तो पुल को चौड़ा किया गया और न ही नहरों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया।