पंजाब के चर्चित गांव के लोगों ने 'वारिस पंजाब दे' को लेकर किया बड़ा ऐलान, दी चेतावनी

Edited By Urmila,Updated: 18 Sep, 2026 11:59 AM

village harinou waris punjab

नजदीकी गांव हरीनौं में नौजवान गुरप्रीत सिंह के कत्ल मामले को लेकर गांव वासियों ने संसद मैंबर अमृतपाल सिंह खालसा से संबंधित अकाली दल वारिस पंजाब की राजनीतिक गतिविधियों का बायकॉट करने का फैसला किया है।

कोटकपूरा (नरिन्द्र): नजदीकी गांव हरीनौं में नौजवान गुरप्रीत सिंह के कत्ल मामले को लेकर गांव वासियों ने संसद मैंबर अमृतपाल सिंह खालसा से संबंधित अकाली दल वारिस पंजाब की राजनीतिक गतिविधियों का बायकॉट करने का फैसला किया है। इस संबंधी गुरप्रीत सिंह के पारिवारिक सदस्यों, अलग-अलग जत्थेबंदियों व पंचायत नुमाइंदियों की एक बैठक हुई, जिसमें सर्वसमिति से यह फैसला लिया गया।

बैठक के दौरान मृतक गुरप्रीत सिंह के पिता हाकम सिंह, किसान नेता हरजिंदर सिंह, पूर्व सरपंच कुलदीप सिंह व पाला सिंह समेत गांव वासियों ने आरोप लगाया कि गुरप्रीत सिंह के कत्ल मामले में अमृतपाल सिंह खालसा का नाम जांच के दौरान सामने आया है। कहा कि पुलिस की जांच व चार्जशीट से संबंधित रिपोर्टों में भी अमृतपाल सिंह को इस मामले में मुलजिम के तौर पर नामजद किए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है।

गांव वासियों ने कहा कि ऐसे हालातों में वह इस पार्टी को अपने गांव में राजनीतिक समर्थन नहीं देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ पार्टी का बायकॉट ही नहीं किया जाएगा, बल्कि गांव में अकाली दल वारिस पंजाब दे की किसी भी राजनीतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नेताओं ने बताया कि इससे पहले गांव में पार्टी की ओर से पोस्टर भी लगाए गए थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में गांव में इस तरह की पोस्टरबाजी या अन्य राजनीतिक गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी। गांव वासियों ने कहा कि उन्हें किसी भी व्यक्ति के चुनाव लड़ने या राजनीतिक गतिविधियां करने पर इतराज नहीं है, मगर गुरप्रीत सिंह कत्ल मामले के साथ जुड़े विवाद के चलते वह अपने गांव में इस पार्टी की गतिविधियां नहीं होने देंगे।

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