Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Jul, 2026 06:45 PM

पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ की जा रही वादाखिलाफी और धोखाधड़ी अब माननीय अदालत में भी पूरी तरह उजागर हो चुकी है। चुनावों के दौरान झूठी गारंटियां देकर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी सरकार अब लाखों...
जालंधर : पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ की जा रही वादाखिलाफी और धोखाधड़ी अब माननीय अदालत में भी पूरी तरह उजागर हो चुकी है। चुनावों के दौरान झूठी गारंटियां देकर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी सरकार अब लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका महंगाई भत्ता (डीए) देने से बच रही है। भारतीय जनता पार्टी के पंजाब अध्यक्ष केवल ढिल्लों ने माननीय हाईकोर्ट द्वारा कर्मचारियों के डीए मामले में पंजाब सरकार को फटकार लगाए जाने के बाद 'आप' सरकार पर तीखा हमला बोला।
ढिल्लों ने कहा कि चुनाव से पहले कर्मचारियों को बड़े-बड़े वादे करने वाले अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की जोड़ी कर्मचारियों को उनका वैध अधिकार देने के बजाय अदालत में निरर्थक दलीलें देकर समय बर्बाद कर रही है। प्रदेश के लाखों कर्मचारी और पेंशनर आज स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। केजरीवाल और भगवंत मान की "यू-टर्न" सरकार का असली चेहरा आज हाईकोर्ट में बेनकाब हो गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग चुनाव के समय कर्मचारियों के हितैषी बनने का दिखावा करते थे, वे आज कर्मचारियों का सामना करने से भी बच रहे हैं। यह पंजाब के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की पीठ में छुरा घोंपने के समान है।
ढिल्लों ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तथा पड़ोसी राज्य हरियाणा की भाजपा सरकार अपने कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए समय पर महंगाई भत्ता जारी करती हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब की आप सरकार कर्मचारियों के अधिकारों पर डाका डाल रही है। हरियाणा सरकार अपने कर्मचारियों को समय पर 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है, जबकि पंजाब की भगवंत मान सरकार लंबे समय से टालमटोल करने के बाद भी 42 प्रतिशत तक पहुंचे डीए का बकाया जारी नहीं कर रही है।
ढिल्लों ने कहा कि एक ओर भाजपा की सरकारें हैं, जो बिना मांग किए कर्मचारियों को उनका अधिकार और महंगाई भत्ता समय पर देती हैं, जबकि दूसरी ओर पंजाब की यह दिवालिया हो चुकी सरकार है। इस सरकार के पास अपनी झूठी वाहवाही और विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने के लिए धन है, लेकिन दिन-रात मेहनत करने वाले कर्मचारियों को उनका अधिकार देने के लिए खजाना खाली होने का बहाना बनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की फटकार ने यह साबित कर दिया है कि आप सरकार केवल झूठ और वादाखिलाफी की बुनियाद पर चल रही है। पंजाब के कर्मचारी इस झूठे बदलाव की सरकार के इस धोखे का जवाब आने वाले विधानसभा चुनावों में अवश्य देंगे।