Edited By VANSH Sharma,Updated: 27 Jun, 2026 09:25 PM

पंजाब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई यूरिया खाद में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले को पंजाब की 'आप' सरकार की प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सरकारी संरक्षण में...
चंडीगढ़/जालंधर: पंजाब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई यूरिया खाद में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले को पंजाब की 'आप' सरकार की प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सरकारी संरक्षण में हुआ बड़ा भ्रष्टाचार बताया है। उन्होंने कहा कि मार्कफेड और मिल्कफेड जैसे सरकारी प्लांटों में हजारों बैग सब्सिडी वाली यूरिया का पहुंचना सरकारी मिलीभगत और उच्च स्तर के संरक्षण के बिना संभव नहीं हो सकता। ढिल्लों ने पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किसानों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए करोड़ों रुपये की सब्सिडी देकर यूरिया खाद उपलब्ध करा रही है। केंद्र सरकार 45 किलो यूरिया का एक बैग, जिसकी वास्तविक कीमत लगभग 2,800 रुपये है, किसानों को मात्र 266 रुपये में उपलब्ध करा रही है। लेकिन दूसरी ओर, पंजाब सरकार के संरक्षण में खाद माफिया किसानों के इस अधिकार पर डाका डालकर सब्सिडी वाली खाद को सरकारी प्लांटों और फैक्ट्रियों तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि चार सरकारी प्लांटों में बिना दस्तावेजों और बिना बैच नंबर के हजारों बैग सब्सिडी वाली खाद पहुंच गई। इससे साफ साबित होता है कि राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के बिना इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं था।
ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में यूरिया और डीएपी खाद की कमी का मुद्दा उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर केंद्र सरकार के समक्ष उठाया था। केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों की जरूरत से अधिक खाद उपलब्ध कराई है। इसके बावजूद किसानों के लिए भेजी गई सब्सिडी वाली खाद में करोड़ों रुपये का कथित घोटाला होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य में भ्रष्ट सरकार चल रही है।
प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि इतने बड़े मामले में केवल निजी कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज करना महज खानापूर्ति होगी। इस पूरे मामले के लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने मांग की कि इस कथित घोटाले की सीबीआई से जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here