Edited By Kalash,Updated: 06 Aug, 2026 02:28 PM

अनाज मंडी में आयोजित स्वदेशी मेले में सामने आई अनियमितताएं आज शहर के एक क्लब में आयोजित मॉर्निंग टेबल चर्चा का मुख्य विषय रहीं।
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): अनाज मंडी में आयोजित स्वदेशी मेले में सामने आई अनियमितताएं आज शहर के एक क्लब में आयोजित मॉर्निंग टेबल चर्चा का मुख्य विषय रहीं। सुबह की सैर के बाद एकत्र हुए शहर के गणमान्य नागरिकों ने मेले में घरेलू गैस सिलेंडरों के उपयोग, खेलों में नकद पुरस्कार दिए जाने तथा युवाओं द्वारा की जा रही हुड़दंग जैसी घटनाओं पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की कमी पर जताई चिंता
नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष मक्खन शर्मा ने कहा कि शहर के सबसे बड़े मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बेहद आवश्यक है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों के साथ पहुंचते हैं। नगर पार्षद हेमराज गर्ग ने कहा कि संबंधित विभाग को मेला शुरू होने से पहले ही सभी स्टॉलों की जांच कर लेनी चाहिए थी, न कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करनी चाहिए।
व्यापारी वर्ग ने मजबूत निगरानी व्यवस्था की मांग की
क्रांतिकारी व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीरज जिंदल ने कहा कि मेले जैसे बड़े आयोजनों में आयोजकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए, ताकि ऐसी अनियमितताएं सामने ही न आएं। अजय मित्तल पप्पू टल्लेवालिया ने कहा कि व्यापारी वर्ग हमेशा मेले की सफलता में सहयोग देता है, लेकिन कुछ स्टॉल संचालकों द्वारा नियमों की अनदेखी करने से पूरे मेले की छवि प्रभावित होती है।

नकद पुरस्कारों के मुद्दे पर भी उठे सवाल
सिग्मा कॉलोनी के अध्यक्ष संजय कुमार ने खेलों में नकद पुरस्कार दिए जाने के मुद्दे पर कहा कि यह युवाओं को गलत दिशा में ले जाने वाला कदम है और संबंधित विभागों को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। सुखदेव लुटावा ने भी इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि कानून के उल्लंघन के बावजूद प्रशासन का मौन रहना चिंता का विषय है। विनोद दुआ ने कहा कि मेले के आयोजकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पारिवारिक माहौल बनाए रखने पर दिया जोर
अग्रवाल सभा के सरपरस्त प्यारालाल रायसरिया ने कहा कि मेला हमेशा से परिवारों के मनोरंजन का प्रमुख माध्यम रहा है, लेकिन अब युवाओं की हुड़दंग के कारण परिवार यहां आने से झिझकने लगे हैं। कृष्ण कुमार बिट्टू ने कहा कि गायक नाइट के दौरान हुई धक्का-मुक्की की घटनाएं आयोजकों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती हैं। सतीश चीमा ने सुझाव दिया कि मेले में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जानी चाहिए ताकि सभी लोग स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।
प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग
संजीव शैली, गगन सोहल, उमेश बंसल और ईशान गोयल ने संयुक्त रूप से कहा कि मेले की शेष अवधि के दौरान प्रशासन को सभी स्टॉलों की गहन जांच करनी चाहिए तथा सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाया जाना चाहिए। जीवन बंसल गोला ने कहा कि शहरवासियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को कठोर कदम उठाने चाहिए। राजू वालिया ने कहा कि विभागों को केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नियमों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित करना चाहिए।
राजीव जैन ने कहा कि मेले से होने वाली आय शहर के विकास में उपयोग की जाती है, इसलिए इसका सुव्यवस्थित संचालन अत्यंत आवश्यक है। कुलतार तारी ने कहा कि प्रशासन द्वारा अब तक दिखाई गई ढिलाई चिंता का विषय है और शेष दिनों में सख्ती बरतकर इसकी भरपाई की जानी चाहिए। अंत में विजय गोयल ने कहा कि शहरवासी मेले के सफल आयोजन के लिए हमेशा सहयोग देने को तैयार हैं, लेकिन प्रशासन को भी अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और गंभीरता के साथ निभानी चाहिए। मॉर्निंग टेबल में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि स्वदेशी मेला शहर की शान है और इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए, ताकि आने वाले वर्षों में भी यह मेला शहर की पहचान बना रहे।
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