Edited By Urmila,Updated: 10 Apr, 2026 02:27 PM

बरनाला के विधानसभा क्षेत्र महल कलां के गांव पक्खोके के निवासी नरेंद्र पाल सिंह (पुत्र मिट्ठू सिंह) अपने गांव के सरपंच से परेशान होकर पक्खो कैंचियां स्थित 150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर के शिखर पर चढ़ गया।
बरनाला (पुनीत ) : बरनाला के विधानसभा क्षेत्र महल कलां के गांव पक्खोके के निवासी नरेंद्र पाल सिंह (पुत्र मिट्ठू सिंह) अपने गांव के सरपंच से परेशान होकर पक्खो कैंचियां स्थित 150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर के शिखर पर चढ़ गया। टावर पर चढ़े नरेंद्र पाल सिंह ने भावुक होते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल किया। वीडियो में रोते-बिलखते हुए उसने बताया कि डेढ़ साल पहले ससुराल पक्ष से दुखी होकर उसके भाई की मौत हो गई थी, जिसके बाद ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। बाद में दोनों गांवों की पंचायतों ने समझौता करवा दिया था, जिसमें यह तय हुआ था कि नरेंद्र पाल के मृतक भाई कुलदीप सिंह के बच्चों के भविष्य के लिए 3 लाख 20 हजार रुपये की एफ.डी. करवाई जाएगी। इसके बदले में नरेंद्र पाल को माननीय अदालत में यह समझौता मंजूर करना था।
टावर पर चढ़े नरेंद्र पाल सिंह ने सरपंच पर आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उसने बताया कि समझौते के अनुसार उसे अदालत में गवाही देनी थी और दूसरी पार्टी को बच्चों के नाम पर राशि जमा करनी थी। लेकिन पिछले दिनों अदालत में जज साहब के न आने के कारण गवाही नहीं हो सकी। इसी बीच दूसरी पार्टी ने पुलिस में शिकायत कर दी, जिससे आहत होकर वह टावर पर चढ़ गया। उसकी मांग है कि उसके मृतक भाई के बच्चों को न्याय मिले और समझौते की पूरी राशि की एफ.डी. तुरंत करवाई जाए।
दूसरी ओर, गांव पक्खोके के सरपंच गुरचरण सिंह ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि समझौते की रकम पंचायत के पास अमानत के तौर पर सुरक्षित है। सरपंच के अनुसार, नियम यह था कि अदालत में गवाही होने के बाद ही यह राशि बच्चों के नाम ट्रांसफर की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र पाल गवाही दिए बिना ही पैसों की मांग कर रहा है।
पक्खो कैंचियां पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई बलजिंदर सिंह ने बताया कि भाई की मौत के मामले में बठिंडा के भुच्चो मंडी थाने में केस दर्ज था। आज दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन उससे पहले ही नरेंद्र पाल टावर पर चढ़ गया। पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारा और दोबारा दोनों पक्षों के बीच समझौता करवा दिया गया है। टावर से नीचे उतरने के बाद भी नरेंद्र पाल सिंह अपने सरपंच पर आरोपों पर अडिग रहा, जबकि सरपंच ने उन्हें बेबुनियाद बताया। फिलहाल पुलिस के हस्तक्षेप से मामले को शांत करवा दिया गया है।
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