Edited By Sunita sarangal,Updated: 08 Aug, 2026 06:47 PM

इस कार्यक्रम के दौरान, इलाके के कई असरदार राजनीतिक चेहरे एक स्टेज पर दिखे।
बाघापुराना(चटानी): हलका बाघापुराना की राजनीति में आज नया अध्याय जुड़ता दिखाई दिया, जब ‘वारिस पंजाब दे’ के बैनर के नीचे उभर रही राजनीतिक जत्थेबंदी को उस समय भारी समर्थन मिला, जब अकाली दल पुनर सुरजीत से संबंधित कई अग्रणी नेताओं सहित सैंकड़ों नेताओं तथा वर्करों ने जत्थेबंदी में शामिल होने की घोषणा की।
इस कार्यक्रम के दौरान, इलाके के कई असरदार राजनीतिक चेहरे एक स्टेज पर दिखे। खास तौर पर बाघापुराना इलाके के पूर्व विधायक स्व. साधु सिंह राजेयाना के पूरे परिवार के मुखिया जगतार सिंह राजेयाना का ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल होना स्थानीय राजनीति में अहम विकास के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा गुरजंट सिंह भुट्टो रोडे, बलतेज सिंह लंगेयाना और गोपी राजियाना सहित कई दूसरे बड़े नेता भी आर्गेनाइजेशन में शामिल हुए। इस मौके अमृतपाल सिंह खालसा के पिता बापू तरसेम सिंह, एम.पी. सर्बजीत सिंह खालसा, विधायक मनप्रीत सिंह इयाली और मंदीप सिद्धू सहित आर्गेनाइजेशन के दूसरे नेताओं ने सभी की मौजूदगी में हिस्सा लिया।
इवैंट को संबोधित करते हुए मनप्रीत सिंह अयाली और दूसरे वक्ताओं ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक हालात पर चर्चा की। नेताओं ने विपक्षी पार्टियों की नीतियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि इन पार्टियों की सरकारें पंजाब की बुनियादी समस्याओं का पक्का हल देने में नाकाम रही हैं।
इस मौके इयाली ने कहा कि पंजाब को ऐसी राजनीति की जरूरत है जिसमें राज्य, किसानों, युवाओं, रोजगार, इंडस्ट्री और पंजाबी अधिकारों के हितों को प्राथमिकता दी जाए। नेताओं ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए भाजपा की केन्द्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों को लंबे समय तक दिल्ली की सीमाओं पर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा।
इस इवैंट का सबसे चर्चित पहलू कुलवंत सिंह राऊके को बाघापुराना विधानसभा क्षेत्र से 'पंजाब का वारिस' कैंडिडेट घोषित करने की मांग थी। इस मौके मंच पर मौजूद सीनियर नेताओं ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने भाई कुलवंत सिंह राऊके के प्रति जो जोश दिखाया है, वह उनके ध्यान में है और लोगों की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि कैंडिडेट के बारे में आखिरी फैसला पार्टी का पार्लियामैंट्री बोर्ड लेगा।
नेताओं ने कहा कि अगर पंजाब के लोग नई राजनीतिक सोच को मजबूत करने के लिए एकजुट हो जाएं, तो आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पूरे प्रोग्राम को आर्गेनाइज करने की जिम्मेदारी बलतेज सिंह लंगेयाना की थी।
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