Edited By Kalash,Updated: 27 Oct, 2026 01:55 PM

त्योहारी सीजन शुरू होते ही खाने-पीने की वस्तुएं तैयार करने और बेचने वाले कारोबारियों की दुकानों की कथित तौर पर रेकी किए जाने का मामला सामने आया है।
अमृतसर (दलजीत): त्योहारी सीजन शुरू होते ही खाने-पीने की वस्तुएं तैयार करने और बेचने वाले कारोबारियों की दुकानों की कथित तौर पर रेकी किए जाने का मामला सामने आया है। कुछ व्यक्तियों द्वारा दुकानों पर जाकर फोटो खींचने और विभाग द्वारा कार्रवाई करवाने की बातें कहकर दुकानदारों में दहशत का माहौल पैदा किए जाने की शिकायतें स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची हैं। मामला ध्यान में आने के बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह रटोल ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य विभाग के नाम का दुरुपयोग करके किसी भी दुकानदार को धमकाने, परेशान करने या ब्लैकमेल करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवाई जाएगी।
जानकारी के अनुसार त्योहारी सीजन के मद्देनजर जिले भर में मिठाइयों, बेकरी उत्पादों, डेयरी वस्तुओं और अन्य खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों पर स्वास्थ्य एवं फूड सेफ्टी विभाग द्वारा नियमों के अनुसार निगरानी और जांच की कार्रवाई की जा रही है। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा अलग-अलग दुकानों पर जाकर फोटो खींचने और दुकानदारों को यह कहने की शिकायतें मिली हैं कि उनकी तस्वीरें विभाग को भेजकर कार्रवाई करवाई जाएगी। दुकानदारों में इस कारण काफी चिंता पाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार कुछ कारोबारियों द्वारा इस संबंध में फूड सेफ्टी अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। हालांकि, मामले की वास्तविक स्थिति क्या है और दुकानों की तस्वीरें खींचने वाले व्यक्ति कौन हैं, इसकी पड़ताल की जा रही है।
विभाग के अधिकारियों की अपनी टीम, बाहरी व्यक्ति को जांच का अधिकार नहीं
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह रटोल ने कहा कि उनके ध्यान में भी ऐसी शिकायत आई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फूड सेफ्टी से संबंधित जांच और कार्रवाई के लिए विभाग की अपनी आधिकारिक टीम मौजूद है। जिले में तैनात फूड सेफ्टी अधिकारी नियमों के अनुसार दुकानों और कारोबारी प्रतिष्ठानों की जांच करते हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में फूड सेफ्टी की टीम द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। टीम में फूड सेफ्टी अधिकारी सतनाम सिंह, मैडम रजनी, अमनप्रीत सिंह और मैडम कमलदीप कौर सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की कार्रवाई नियमों और कानून के अनुसार ही होती है और किसी बाहरी व्यक्ति को विभाग के नाम पर दुकानदारों को डराने या परेशान करने का कोई अधिकार नहीं है।
दुकानदार को डराया तो होगी सख्त कार्रवाई
डा. रटोल ने कहा कि यदि विभाग के आधिकारिक स्टाफ के अलावा कोई व्यक्ति खुद को स्वास्थ्य या फूड सेफ्टी विभाग से जोड़कर किसी दुकानदार को परेशान करता है, फोटो खींचकर डराता है या कार्रवाई का डर दिखाकर किसी तरह का दबाव बनाता है, तो उसकी शिकायत मिलने पर मामले की जांच करके बनती कानूनी कार्रवाई करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान लोगों को सुरक्षित और मानक खाने-पीने की वस्तुएं मुहैया करवाना विभाग की मुख्य जिम्मेदारी है। इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ विभाग द्वारा कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी लेकिन इसके नाम पर किसी भी व्यक्ति द्वारा दुकानदारों का शोषण या ब्लैकमेलिंग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
विभाग के नाम पर शोषण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कारोबारियों को भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति विभाग के नाम पर उन्हें धमकाता है, फोटो खींचता है या किसी कार्रवाई का डर दिखाकर परेशान करता है, तो वे तुरंत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत की पुष्टि किए बिना किसी व्यक्ति द्वारा अपने स्तर पर विभागीय अधिकारी बनकर कार्रवाई करने की कोशिश गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन के दौरान मिलावट और घटिया खाने-पीने की वस्तुओं के खिलाफ विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी, लेकिन विभाग के नाम की आड़ में किसी भी दुकानदार को डराने या उसका शोषण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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