Edited By Vatika,Updated: 28 May, 2026 08:56 AM

देश की सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी मुहिम 'जनगणना' में जुटे राष्ट्र निर्माताओं की सुरक्षा अब भगवान भरोसे नजर आ रही है
लुधियाना (राज): देश की सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी मुहिम 'जनगणना' में जुटे राष्ट्र निर्माताओं की सुरक्षा अब भगवान भरोसे नजर आ रही है। ताजा मामला सरकारी प्राइमरी स्कूल कुलिएवाल के टीचर का सामने आया है, जहां हाउस लिस्टिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी शिक्षक के साथ न सिर्फ सरेआम बदसलूकी की गई, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी देकर रजिस्टर भू छीन लिया गया। इस वारदात के बाद से जनगणना के काम में लगे कर्मचारियों, विशेषकर महिला शिक्षिकाओं में भारी दहशत का माहौल है। पीड़ित शिक्षक ने साफ लफ्ज़ों में प्रशासन को चेतावनी दे दी है कि जब तक आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटेंगे।
गेट पर खड़े होकर मूकदर्शक बने रहा आरोपी का पिता
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित शिक्षक नरिंदर सिंह चीमा कॉलोनी में हाउस लिस्टिंग का काम कर रहे थे। उन्होंने गली के एक छोर से काम शुरू किया और नंबर लगाते हुए जब वे एक व्यक्ति के घर के सामने पहुंचे, तो वहां एक गेटेड प्लॉट था जिसके ऊपर शेड बना हुआ था। एक जिम्मेदार कर्मचारी के नाते नरिंदर सिंह यह जांचने के लिए शेड के अंदर देखने लगे कि वहां कोई कमरा तो नहीं है या कोई व्यक्ति तो नहीं रह रहा। टीचर नरिंदर सिंह का अंदर देखना ही मकान मालिक के बेटे को नागवार गुजरा। उसने तैश में आकर पहले तो सरकारी शिक्षक के साथ सरेआम गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर उनके हाथ से जनगणना का सरकारी रजिस्टर छीन लिया। हैरानी की बात तो यह रही कि जब यह सब ड्रामा चल रहा था, आरोपी के पिता गेट पर खड़े होकर मूकदर्शक बने रहे। पीड़ित शिक्षक ने रोष जताते हुए कहा कि इस माहौल में उनकी जान को सीधा खतरा है। अगर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं करता तो फील्ड में काम कर रहे किसी भी कर्मचारी की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।
जनगणना करने आ रहे कर्मचारियों से करें सहयोग
गौरतलब है कि फील्ड में जनगणना ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों के साथ आम जनता के बुरे बर्ताव की शिकायतें लगातार प्रशासन के पास पहुंच रही हैं। इसी सिलसिले में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) जनरल पूनम सिंह ने बुधवार को ही आला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की थी, जिसमें कर्मचारियों को आ रही दिक्कतों को तुरंत दूर करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि नगर निगम के सहायक कमिश्नर को जनता से हाथ जोड़कर यह अपील करनी पड़ी कि वे जनगणना करने आ रहे कर्मचारियों के साथ सहयोग करें और बदसलूकी न करें, क्योंकि ये कर्मचारी भी समाज और हमारे परिवारों का ही हिस्सा हैं। लेकिन प्रशासनिक दावों और अपीलों के बावजूद जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है, जिसने अब एक नए विवाद और कर्मचारियों के आक्रोश को जन्म दे दिया है।