Edited By Kalash,Updated: 05 Nov, 2026 05:43 PM

पंजाब सरकार के अलग-अलग विभागों में काम करने वाले मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अपना संघर्ष तेज कर दिया है।
पठानकोट (हरजिंदर सिंह गोराया): पंजाब सरकार के अलग-अलग विभागों में काम करने वाले मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अपना संघर्ष तेज कर दिया है। पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के राज्य आह्वान पर 5 और 6 नवंबर को पूरे राज्य में पैन-आउट और कंप्यूटर-आउट हड़ताल की जा रही है। इस हड़ताल के कारण सरकारी दफ्तरों में आम लोगों का काम प्रभावित होने की संभावना है। इसके बाद शनिवार, रविवार और विश्वकर्मा दिवस की छुट्टी के कारण लगातार पांच दिन तक सरकारी काम प्रभावित रहेगा।
इस बारे में पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन की पठानकोट यूनिट के जिला प्रधान विशालवीर सिंह ने कहा कि कर्मचारी पिछले पांच सालों से अपनी मांगों को लेकर मीटिंग के जरिए आवाज उठा रहे हैं और सरकार को ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है। इस वजह से कर्मचारियों में भारी विरोध है। उन्होंने कहा कि पठानकोट जिले के अलग-अलग सरकारी विभागों के मिनिस्टीरियल कर्मचारी इस हड़ताल में पूरी तरह से हिस्सा लेंगे और अपने ऑफिस में पेन और कंप्यूटर बंद रखकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताएंगे।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
यूनियन 17 जुलाई 2020 को जारी लेटर को कैंसिल करने, पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करने, महंगाई भत्ते की बकाया किश्तों को तुरंत जारी करने और पेंशनर्स के लिए 2.59 का गुणांक लागू करने की मांग कर रही है। इसके अलावा अलग-अलग विभागों में काम कर रहे कच्चे और टेम्परेरी कर्मचारियों को रेगुलर करने की भी मांग है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज किया जाएगा।
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