विवादों में घिरा फूड सिविल सप्लाई विभाग, मृतक के नाम पर गेहूं की हो रही निकासी

Edited By Sunita sarangal,Updated: 02 Nov, 2021 08:30 PM

food civil supply department embroiled in controversies

पंजाब सरकार के डिपार्टमैंट ऑफ फूड सिविल सप्लाई एंड कंज्यूमर अफेयर्स की स्मार्ट राशन कार्ड योजना, जिसे केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय फूड सिक्योरिटी ऐक्ट (एन.एफ.एस.ए.) के तहत चला रही है, फतेहगढ़..........

फतेहगढ़ साहिब (जगदेव): पंजाब सरकार के डिपार्टमैंट ऑफ फूड सिविल सप्लाई एंड कंज्यूमर अफेयर्स की स्मार्ट राशन कार्ड योजना, जिसे केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय फूड सिक्योरिटी ऐक्ट (एन.एफ.एस.ए.) के तहत चला रही है, फतेहगढ़ साहिब विवादों में घिर के रह गई है। जहां व्यक्ति की मौत के बाद भी विभाग 2 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बांटी जाने वाली गेहूं की पर्चियां काट गेहूं निकलवाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि परिवार वालों को इस बात का पता तक नहीं है। इस मामले में सरहिंद के वार्ड नंबर 13 के आम आदमी पार्टी से संबंधित रमेश कुमार द्वारा पंजाब के मु्ख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तथा डायरैक्टर विजीलेंस पंजाब के ध्यान में लाकर उच्च स्तरीय जांच की मांग करते इस घोटाले में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

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जानकारी के अनुसार राशन कार्ड संख्या 030001673159, जो श्रीराम के नाम से पंजीकृत है और कार्ड में केवल लाभार्थी का नाम है, की मृत्यु 25 मार्च, 2020 को हुई थी। इस लाभार्थी के सदस्य/निरीक्षक के नाम से पर्ची दिनांक 4 जुलाई 2020 को कटवाई गई, जबकि श्रीराम के परिवार के बाकी सदस्यों को इस बात की जानकारी भी नहीं है कि उनके मृत पिता से गेहूं किसने निकाला और किसको दिया। हालांकि, राशन कार्ड में पंजीकृत किसी भी व्यक्ति के लिए गेहूं प्राप्त करते समय मशीन पर अपना अंगूठा लगाना अनिवार्य है। मृतक श्रीराम के पुत्र राजेश कुमार ने बताया कि उनके पिता के पास अलग से कार्ड था और यह उनकी मृत्यु के बाद भी गेहूं विभाग द्वारा जारी किया गया था। पिता के नाम पर गेहूं किसने निकाला इसकी उच्च स्तर पर जांच होनी चाहिए। 

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इस बीच वार्ड नंबर 13 की पार्षद आशा रानी के पति रमेश कुमार ने कहा कि ऐसा एक भी मामला नहीं हो सकता, अगर इस की जांच की जाए तो बड़े स्कैंडल निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को उनके दवारा पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तथा इसे विजिलेंस डायरेक्टर पंजाब के संज्ञान में लाने के लिए आवेदन भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं और भी कई मामले हैं जिनमें संबंधित विभाग के निरीक्षक द्वारा सदस्य के नाम पर पर्ची काट ली गई है ताकि गेहूं वितरण के दौरान हुए घोटाले की उचित जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। उधर, जब जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले (डी.एफ.एस.ओ.) फतेहगढ़ साहिब डॉ. रूपप्रीत से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और इस तरह के मामले में शामिल किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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