Edited By Kalash,Updated: 19 Oct, 2026 03:06 PM
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से परविंदर सिंह झोटा के परिवार को इंसाफ दिलाने और पंजाब को नशामुक्त करने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायकों के कार्यालयों के सामने रोष प्रदर्शन करने के आह्वान के तहत पायल के विधायक मनविंदर सिंह...
पायल (विनायक): भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से परविंदर सिंह झोटा के परिवार को इंसाफ दिलाने और पंजाब को नशामुक्त करने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायकों के कार्यालयों के सामने रोष प्रदर्शन करने के आह्वान के तहत पायल के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के कार्यालय के सामने रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पंजाब सरकार की नशों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार के नाम लाहनत पत्र सौंपा गया। प्रदर्शनकारी किसानों ने मांग की कि नशों के कारोबार में शामिल बड़े तस्करों और उन्हें कथित तौर पर सरपरस्ती देने वाले राजनीतिक व प्रशासनिक लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच करके सख्त कार्रवाई की जाए तथा नशों के कारण प्रभावित परिवारों को इंसाफ दिया जाए।
इस मौके पर संगठन के जिला प्रधान चरण सिंह नूरपुरा ने संबोधित करते हुए पंजाब सरकार की नशों के खिलाफ मुहिम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से नशों के खात्मे संबंधी किए जा रहे दावे और वादे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से चलाई जा रही नशों के खिलाफ मुहिम का असर बड़े नशा तस्करों तक पहुंचने के बजाय संघर्ष कर रहे लोगों और नशों के मुद्दे पर आवाज उठाने वालों पर पड़ रहा है।
चरण सिंह नूरपुरा ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा के मामले ने नशों के खिलाफ सरकारी कार्रवाई के दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशों के कारण नौजवानों की जान जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति इस गंभीर सामाजिक समस्या के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे कथित तौर पर पुलिस अत्याचार या अन्य दबाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं लोगों के मन में सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली के बारे में सवाल पैदा करती हैं।
उन्होंने शेरों गांव के नौजवान मोहनजीत पर कथित पुलिस अत्याचार और गुलजार सिंह की आत्महत्या सहित अन्य मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़ितों को इंसाफ मिलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशों की समस्या को केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करके हल नहीं किया जा सकता, बल्कि नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क और उन्हें मिलने वाली कथित राजनीतिक व प्रशासनिक सरपरस्ती को खत्म करना जरूरी है।
इस मौके पर संगठन के जिला महासचिव सुदागर सिंह घुडाणी ने यूनियन की मांगों को विस्तार से रखते हुए कहा कि परविंदर सिंह झोटा के मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को कड़ी सजाएं दिलाई जाएं। उन्होंने मांग की कि पिछले समय से नशा तस्करी के बड़े कारोबार में शामिल व्यक्तियों तथा उन्हें कथित तौर पर सरपरस्ती देने वाले राजनीतिक नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सुदागर सिंह घुडाणी ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा के परिवार को दो करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए और उनकी पत्नी को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने मांग की कि इस मामले में घायल हुए व्यक्तियों का इलाज सरकार की ओर से करवाया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि नशों के खिलाफ संघर्ष कर रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ नशा तस्करी के बड़े कारोबारियों के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने नशा तस्करों, राजनीतिज्ञों, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों और गैंगस्टरों के बीच कथित गठजोड़ की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि इस धंधे में शामिल पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने नशा तस्करी की अंतरराष्ट्रीय कड़ियां तोड़ने, देश के भीतर गैरकानूनी तौर पर तैयार किए जाने वाले सिंथेटिक नशों की फैक्ट्रियां बंद करवाने और सीमाओं पर निगरानी सख्त करने की मांग भी की।
संगठन के नेताओं ने कहा कि नशों की रोकथाम के लिए केवल नशे से प्रभावित नौजवानों को निशाना बनाना समस्या का समाधान नहीं है। सरकार को शराब की बिक्री के जरिए राजस्व एकत्र करने की नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए और नशे की लत से प्रभावित नौजवानों के इलाज तथा पुनर्वास के लिए प्रभावी नीति बनानी चाहिए। उन्होंने पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता देने और नशा तस्करी के बड़े कारोबारियों को कानून के दायरे में लाकर जेलों में बंद करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम तुरंत बंद करके नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। नशा तस्करी से जुड़े व्यक्तियों की संपत्तियां कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जब्त की जाएं और नशा तस्करों का विरोध करते हुए जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को भी उचित मुआवजा दिया जाए।
इस रोष प्रदर्शन के दौरान मनोहर सिंह कलाड़, बलवंत सिंह घुडाणी, राजिंदर सिंह सियाड़, चरणजीत सिंह फल्लेवाल, हरजीत सिंह घलोटी, मजदूर नेता हरजिंदर सिंह, टी.एस.यू. नेता बलवीर सिंह, नौजवान भारत सभा के सतिंदर सिंह, बहन मनजीत कौर, जसवीर सिंह अशकरीपुर, मनजीत सिंह बुढे़ल, जसवीर सिंह खटड़ा, जसवंत सिंह भट्टियां, पेंशनर नेता हरबंस सिंह दोबुर्जी, बुद्ध सिंह बरमालीपुर, मलकीत सिंह खन्ना, गुरबख्शीश सिंह, राजपाल सिंह और परमवीर सिंह घलोटी ने भी संबोधित किया। मंच संचालन युवराज सिंह घुडाणी ने किया। इसके अलावा, एक अन्य प्रस्ताव पारित करके जैस्मीन कौर गिल की हत्या की निंदा की गई और इस मामले में इंसाफ सुनिश्चित करने की मांग की गई।
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