Edited By Kamini,Updated: 15 Oct, 2026 01:47 PM

मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हुई हत्या के विरोध में गुरुवार को बुलाए गए 'पंजाब बंद' के दौरान महानगर के जमालपुर (चंडीगढ़ रोड) में एक बेहद दर्दनाक हादसा घटित हो गया।
लुधियाना (राज) : मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हुई हत्या के विरोध में गुरुवार को बुलाए गए 'पंजाब बंद' के दौरान महानगर के जमालपुर (चंडीगढ़ रोड) में एक बेहद दर्दनाक हादसा घटित हो गया। चंडीगढ़ रोड पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे 22 वर्षीय युवक जश्नदीप सिंह की 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली की तार से करंट लगने के कारण मौके पर ही मौत हो गई।
करंट का झटका इतना भीषण था कि युवक सड़क पर गिर पड़ा और उसके मुंह से खून बहने लगा। आनन-फानन में उसे नजदीकी फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरातफरी मच गई और मृतक के परिवार में मातम छा गया है। मृतक के चचेरे भाई सतनाम सिंह ने बताया कि एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के बेरहमी से किए गए कत्ल के विरोध में 15 अक्टूबर को राज्यव्यापी पंजाब बंद का आह्वान किया गया था। इसी कड़ी में लुधियाना के चंडीगढ़ रोड पर भी नशे के खिलाफ और इंसाफ की मांग को लेकर युवा व विभिन्न संगठनों के लोग धरने पर बैठे थे। जश्नदीप सिंह भी नशे के खिलाफ संघर्ष का समर्थन करने और धरने में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए जमालपुर पहुंचा था। प्रदर्शन के दौरान ही वह बिजली के खंभे और तारों के संपर्क में आ गया।
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए मृतक के भाई गगनदीप सिंह ने बताया कि मौके पर एक लोहे का खंभा लगा हुआ था, जिसके ठीक ऊपर से 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली की लाइन गुजर रही थी। धरने के दौरान जश्नदीप किसी बोर्ड या बैनर के पास हाथ में लोहे की रॉड लिए हुए था। इसी दौरान रॉड अचानक ऊपर से गुजर रही नंगी हाईटेंशन तार से छू गई। जोरदार धमाके के साथ जश्नदीप को करंट का जानलेवा झटका लगा। बिजली का झटका लगते ही वह तड़पकर सड़क पर गिर पड़ा और उसके मुंह से खून निकलने लगा। साथी प्रदर्शनकारी तुरंत उसे गंभीर हालत में उठाकर फोर्टिस अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया था।
घटना के बाद सोशल मीडिया और इलाके में यह बात फैलने लगी कि जश्नदीप मुख्यमंत्री भगवंत मान का बोर्ड या होर्डिंग उतारने का प्रयास कर रहा था। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए चचेरे भाई सतनाम सिंह ने कहा कि लोग तरह-तरह की बातें बना रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जश्नदीप सीएम मान का बोर्ड क्यों उतारेगा? वह तो सिर्फ धरने में शांतिपूर्वक शामिल होने आया था। परिजनों ने कहा कि शहर की सड़कों पर बिजली की लटकती नंगी तारों और बदहाल प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में सब जानते हैं। बिजली विभाग और प्रशासन की घोर लापरवाही के चलते 11,000 वोल्ट की लाइन खुले में हादसे का कारण बनी।
परिजनों के अनुसार, 22 वर्षीय जश्नदीप अभी अविवाहित था। उसके परिवार में माता-पिता, दो बहनें और दो भाई हैं। वह कपड़ों की कटिंग (कटर मास्टर) का काम करता था और साथ में मजदूरी कर गरीब परिवार की आर्थिक मदद करता था। घर के नौजवान कमाने वाले बेटे की असमय मौत से मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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