Gurdaspur में किसानों ने ट्रैफिक जाम कर किया धरना प्रदर्शन, दी सख्ती चेतावनी

Edited By Kamini,Updated: 06 Jul, 2026 04:57 PM

farmer protest in gurdaspur

किसान संगठनों ने गुरुदासपुर श्री हरगोबिंद पुर रोड पर हरचोवाल में 3 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आवाजाही ठप्प कर दी गई।

गुरदासपुर (हरजिंदर सिंह गोराया): गन्ने के करोड़ों रुपये के बकाए को लेकर अमेरिका और भारत के बीच हुए नए कृषि समझौते और सरकार द्वारा किसानों पर अलग-अलग तरीकों से किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में अलग-अलग किसान संगठनों ने गुरुदासपुर श्री हरगोबिंद पुर रोड पर हरचोवाल में 3 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आवाजाही ठप्प कर दी गई।

PunjabKesari

इस मौके पर लोक इंसाफ मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन, एकता अग्राहां, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी आदि संगठनों के अलावा अन्य समान विचारधारा वाले लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस मौके पर अलग-अलग वक्ताओं ने मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार कृषि विविधीकरण की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ गन्ने के 2 साल के पैसे का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को किसानों को पेमेंट करना है तो वह एक जगह करे न कि मेला मालिकों के अकाउंट में डालकर किसानों को परेशान किया जाए। इसके अलावा किसान नेताओं ने कहा है कि केंद्र सरकार अभी अमेरिका के साथ जो खेती का समझौता कर रही है, उससे पंजाब का पूरा खेती का सेक्टर डूब जाएगा। इसके अलावा खेती पर आधारित इंडस्ट्री भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने गन्ने का पेमेंट नहीं किया और अमेरिका के साथ हुए समझौते में कोई बदलाव नहीं किया तो अब छोटी सड़कें नहीं बल्कि बड़े हाईवे और रेलवे बंद किए जाएंगे। 

PunjabKesari

इस मौके पर किसानों ने लगातार 3 घंटे तक पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ट्रैफिक भी रोका। इस सभा को लोक इंसाफ मोर्चा के प्रधान रणजीत सिंह सोनू औलख, पगड़ी बचाओ आंदोलन के सतनाम सिंह बागरियां, भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के लखविंदर सिंह मंजियांवाल, जिला नेता ठाकुर दलीप सिंह लंबरदार, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सूबेदार रिशपाल सिंह भारत, बलदेव सिंह सेखवां,  बलजिंदर सिंह चीमा और कई अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर जिला DSP ने इन वक्ताओं और नेताओं को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार के साथ उनकी मीटिंग जल्द ही पक्की कर दी जाएगी। लेकिन किसान नेताओं ने फटकार लगाई कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे हाईवे जाम करने और बड़ी रेलवे लाइनें जाम करने के लिए मजबूर होंगे।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!