'पंजाब केसरी' की खबर का बड़ा असर: CP ने विवादित SI अमनदीप सिंह गिल को SHO पद से हटाया

Edited By Sunita sarangal,Updated: 21 Aug, 2026 05:39 PM

cp removed si amandeep singh gill from sho post in ludhiana

गौरतलब है कि 'पंजाब केसरी' ने अपने पिछले अंक में इस प्रशासनिक चूक और लापरवाही को प्रमुखता से उजागर किया था....

लुधियाना(राज): थाना डिवीजन नंबर-2 में एन.डी.पी.एस. (NDPS) एक्ट के विचाराधीन मामले में सब-इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह गिल को दोबारा एस.एच.ओ. लगाए जाने के मामले में 'पंजाब केसरी' द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद पुलिस कमिश्नरेट प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। खबर का कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने तुरंत प्रभाव से विवादित एस.आई. अमनदीप सिंह गिल को थाना प्रभारी के पद से हटाकर पुलिस लाइन ट्रांसफर कर दिया है। उनकी जगह अब इंस्पेक्टर जसपाल सिंह को थाना डिवीजन नंबर-2 का नया एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया है।

'पंजाब केसरी' ने प्रमुखता से उठाया था नियमों की अनदेखी का मामला

गौरतलब है कि 'पंजाब केसरी' ने अपने पिछले अंक में इस प्रशासनिक चूक और लापरवाही को प्रमुखता से उजागर किया था कि किस तरह फरवरी 2020 में जिस थाने (डिवीजन नंबर-2) में रहते हुए स्पेशल टास्क फोर्स ने नशा तस्करों से रिश्वत लेने और हेरोइन बरामदगी के मामले में अमनदीप सिंह गिल को गिरफ्तार किया था, उसी थाने की कमान उन्हें दोबारा सौंप दी गई थी। विभागीय नियमों के अनुसार, अदालत में एन.डी.पी.एस. जैसे गंभीर मामलों का ट्रायल लंबित रहने तक किसी भी पुलिसकर्मी को पब्लिक डीलिंग या संवेदनशील पद (एस.एच.ओ.) पर तैनात नहीं किया जा सकता। इस खुलासे के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

पुलिस कमिश्नर ने लिया कड़ा संज्ञान, तुरंत किया तबादला

खबर प्रकाशित होते ही आला पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने तुरंत आदेश जारी करते हुए एस.आई. अमनदीप सिंह गिल को पदमुक्त कर पुलिस लाइन हाजिर होने के निर्देश दिए। साथ ही कानून-व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए इंस्पेक्टर जसपाल सिंह को डिवीजन नंबर-2 की कमान सौंपी गई है।

क्या था पूरा मामला?

फरवरी 2020 की गिरफ्तारी: फरवरी 2020 में तत्कालीन एस.एच.ओ. अमनदीप सिंह गिल पर 5 नशा तस्करों से रिश्वत लेकर छोड़ने, उनके वाहन व फोन थाने में छिपाने और हेरोइन की बरामदगी को लेकर एस.टी.एफ. ने एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। तत्कालीन सी.पी. राकेश अग्रवाल ने उन्हें निलंबित कर दिया था। करीब डेढ़ महीने बाद जमानत मिलने के बावजूद यह मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है। हाल ही में इंस्पेक्टर जसबीर सिंह का तबादला कर एस.आई. अमनदीप सिंह को फिर से उसी थाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी, जिसे अब 'पंजाब केसरी' के खुलासे के बाद उच्चाधिकारियों ने तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया है।

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