Edited By Kamini,Updated: 03 Jun, 2022 03:20 PM

पंजाब सरकार की तरफ से हाईटेक की गई अमृतसर की केंद्रीय जेल अपराधियों के लिए अरामगाह बन चुकी है। एक तरफ जेल में ...............
अमृतसर (संजीव): पंजाब सरकार की तरफ से हाईटेक की गई अमृतसर की केंद्रीय जेल अपराधियों के लिए अरामगाह बन चुकी है। एक तरफ जेल में खतरनाक समगलर, गैंगस्टर और आतंकवादी गतिविधियों के साथ जुड़े अपराधी सजा भुगत रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आए दिन पुलिस की तरफ से चलाई जा रही तलाशी मुहिम दौरान बड़ी मात्रा में मोबायल फोन, नशीला पदार्थ और ओर संदिग्ध वस्तुएं बरामद होना जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बेशक जेल अधिकारी हवालाती के कब्जे में से मोबाइल फोन बरामद करके अपनी पीठ थपथपाते हैं परन्तु पिछले 3 महीनों दौरान लगातार मिल रही संदिग्ध वस्तुएं किसी तरीके से पहुच रही हैं। इस बारे कोई बारीकी के साथ जांच नहीं की जा रही है। थ्री लेयर सुरक्षा चक्कर के बावजूद हवालाती से गैर-कानूनी सामान मिलना कहीं न कहीं भ्रष्टाचार की तरफ इशारा कर रहा है, जिस पर उच्च आधिकारियों को विचार करने की जरूरत है।
केंद्रीय जेल में देर रात हुई अचानक जांच दौरान 10 हवालाती के कब्जे से 14 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जबकि इसी टीम ने जेल कंपलैक्स से 5 ओर लावारिस मोबाइल भी बरामद किए। हवालाती में दविन्दर सिंह निवासी वडाली डोगरा, जोबनजीत सिंह निवासी राजासांसी, जरमनजीत सिंह निवासी दालम, परमजीत सिंह निवासी लुहारका कलां, गुरलाल सिंह निवासी गुंबद, गुरकीरत सिंह, इन्द्र सिंह निवासी न्यू कोट आत्मा राम, दीपक निवासी महोवा, आकाश निवासी गवाल मंडी, सुरजीत ईसा मसीह निवासी अजनाला शामिल है। अपर जेल सुपरिडैंटेंड मेवा सिंह की शिकायत पर थाना इस्लामाबाद की पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
जेल में बैठे गैंगस्टर वारदातों को देते अंजाम
जेलों में बैठे खतरनाक गैंगस्टर मोबाइल के द्वारा बाहर बैठे अपने गुर्गो के साथ जुड़े रहते हैं। यही कारण है कि वह लोग जेल से अपराधिक वारदातों को अंजाम दे देते हैं। कई बार इसका खुलासा भी हो चुका है परन्तु इसके बावजूद पुलिस की तरफ से कोई भी ऐसे ठोस प्रबंध नहीं किए गए, जो जेलों में बैठे अपराधियों पर शिकंजा कस सके।
मोबाइल से देते हैं धमकी और मांगते हैं फिरौती
जेलों में से मोबाइल के द्वारा फोन कर फिरौती मांगने की कई घटनाएं पुलिस रिकार्ड में आ चुकी हैं। आज भी बड़ी संख्या में जेलों में बैठे हवालाती के कब्जे में से मोबाइल फोन का मिलना जेल के सुरक्षा घेरे पर नहीं बल्कि जेल के बंदोबस्त पर सवाल खड़े हो रहे है। आरोपियों की तरफ से वारदातो ही नहीं बल्कि जेल में बैठ अपने समगलिंग के धंधे तक चलाए जा रहे हैं। समय रहते यदि कोई ठोस रणनीति तैयार नहीं की गई तो यह अपराधी जेलों में बैठ कर वारदातों को अंजाम देते रहेंगे।
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