Edited By Urmila,Updated: 06 Oct, 2026 04:33 PM

जालंधर में अपनी मांगों को लेकर आंगनवाड़ी वर्करों ने राज्यसभा सदस्य और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भज्जी के घर के बाहर प्रदर्शन किया।
जालंधर (सोनू) : जालंधर में अपनी मांगों को लेकर आंगनवाड़ी वर्करों ने राज्यसभा सदस्य और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भज्जी के घर के बाहर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला वर्करों ने ‘जवाब मांग रैली’ के तहत केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए भज्जी के घर के बाहर पुलिस बल भी तैनात किया गया।
प्रदर्शनकारी वर्करों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि वर्षों से आंगनवाड़ी केंद्रों में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय मिल रहा है और न ही उनकी अन्य मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।
वर्करों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले उनके मानदेय और पेंशन से जुड़ी योजनाओं को लेकर कई वादे किए गए थे, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि केंद्र की ओर से 60:40 के अनुपात के तहत वर्करों को करीब 2700 रुपए दिए जा रहे हैं, जबकि उनसे नशा मुहिम, ‘मावां धीयां सत्कार’ सहित कई सरकारी योजनाओं से जुड़े काम भी करवाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने पेंशन से जुड़े मामलों पर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि पेंशन के नाम पर पहले से मिल रही सुविधाओं में कटौती के आदेश दिए गए। इसके अलावा अपने हक की आवाज उठाने वाले वर्करों पर मामले दर्ज करने और लाठीचार्ज करने का भी आरोप लगाया गया। वर्करों ने कहा कि मुश्किल समय में विभागीय स्तर पर उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
आंगनवाड़ी वर्करों ने कहा कि 1 और 2 दिसंबर को केंद्र सरकार के खिलाफ उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने भाजपा नेताओं के पंजाब में सरकार बनाने के दावों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले चुनावों में वे इसका जवाब देंगी।
पंजाब सरकार को लेकर भी वर्करों ने तीखा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संगरूर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वर्करों पर लाठीचार्ज किया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान वर्करों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की तारीफ भी की। उन्होंने दावा किया कि चन्नी के मुख्यमंत्री रहते आंगनवाड़ी वर्करों के महंगाई भत्ते में 700 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। वर्करों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी एक सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए है।
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