Edited By Urmila,Updated: 29 Sep, 2026 11:00 AM

अपराधों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों की सख्ती से पालना करवाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बिना वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एच.एस.आर.पी.) वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल और सी.एन.जी. देने पर रोक लगा दी है।
जालंधर (सुधीर): अपराधों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों की सख्ती से पालना करवाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बिना वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एच.एस.आर.पी.) वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल और सी.एन.जी. देने पर रोक लगा दी है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बी.एन.एस.एस.)-2023 की धारा 163 तथा मोटर व्हीकल एक्ट-1988 के प्रावधानों के तहत जारी यह आदेश 21 सितंबर 2026 से लागू हो चुका है और 20 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
यह आदेश निजी और व्यावसायिक दोनों प्रकार के वाहनों पर लागू होगा, जिन पर अनिवार्य एच.एस.आर.पी. नहीं लगी है, जो बिना नंबर प्लेट के चल रहे हैं या जिनकी नंबर प्लेट टूटी, क्षतिग्रस्त, बदली हुई, ढकी हुई अथवा मुड़ी हुई है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि ऐसे वाहनों को ईंधन देते समय ही रोक लागू होगी और वाहन चालकों को ईंधन लेने से पहले नियमों के अनुरूप नंबर प्लेट लगवानी होगी।
हालांकि, एंबुलेंस और फायर टेंडर जैसी आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा नए खरीदे गए वे वाहन भी इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगे, जिन पर वैध आधिकारिक अस्थायी या स्थायी पंजीकरण नंबर प्रदर्शित हो रहा है।
आदेश के तहत कमिश्नरेट पुलिस जालंधर के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी पेट्रोल, डीजल और सी.एन.जी. स्टेशन संचालकों को प्रवेश द्वार और ईंधन भरने वाले स्थानों पर पंजाबी और अंग्रेजी भाषा में प्रमुखता से चेतावनी नोटिस लगाने होंगे। इसके साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों को प्रवेश एवं निकास द्वार, ईंधन भरने वाले स्थानों और आसपास की सड़कों को कवर करने वाली 24 घंटे सी.सी.टी.वी. निगरानी सुनिश्चित करनी होगी तथा सी.सी.टी.वी. फुटेज कम से कम दो महीने तक सुरक्षित रखनी होगी।
पेट्रोल पंप कर्मचारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन का पता चलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देनी होगी। साथ ही वाहन का मेक, मॉडल, रंग और किस दिशा में गया, जैसी जानकारी भी दर्ज करनी होगी।
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 223 तथा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में इन आदेशों को सख्ती से लागू करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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