Edited By Urmila,Updated: 13 Apr, 2026 04:38 PM

जालंधर के रामामंडी इलाके में ढिल्लों पैलेस के पीछे विकसित हो रही एक कथित अवैध कॉलोनी को लेकर मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।
जालंधर : जालंधर के रामामंडी क्षेत्र में ढिल्लों पैलेस के आसपास विकसित हो रही एक संदिग्ध रिहायशी कॉलोनी को लेकर नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पहले जहां बिना सरकारी मंजूरी प्लॉट काटे जाने की बात सामने आई थी, वहीं अब इस गतिविधि के पीछे कथित तौर पर एक प्रभावशाली स्थानीय चेहरे की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यह कॉलोनी खुलेआम प्लॉटिंग के जरिए बेची जा रही है, जबकि न तो किसी तरह की आधिकारिक स्वीकृति दिखाई जा रही है और न ही विकास से जुड़े जरूरी मानकों का पालन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोगों से एडवांस रकम ली जा चुकी है, जिसमें लेन-देन का बड़ा हिस्सा नकद बताया जा रहा है। खरीदारों को केवल साधारण कागजी समझौते देकर भविष्य में सब कुछ ‘क्लियर’ होने का भरोसा दिलाया जा रहा है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल संबंधित विभागों की भूमिका को लेकर खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि कहीं न कहीं राजनीतिक या अंदरूनी संरक्षण इस पूरे नेटवर्क को बचा रहा है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कॉलोनियों में निवेश करना आम लोगों के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है। न तो भविष्य में रजिस्ट्री की गारंटी होती है और न ही किसी तरह की बैंक फाइनेंसिंग संभव हो पाती है। बावजूद इसके, लोगों को जल्द अप्रूवल और फाइल प्रोसेस होने जैसे दावों के जरिए निवेश के लिए आकर्षित किया जा रहा है।
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