Edited By Tania pathak,Updated: 19 Jun, 2021 02:22 PM

मिल्खा सिंह और उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह का प्यार जितना असीम था उतनी ही दिलचस्प उनकी लव स्टोरी भी है....
जालंधर: बीती रात 'फ्लाइंग सिख' नाम से मशहूर मिल्खा सिंह 91 वर्ष की उम्र में जिंदगी से जंग हार गए। चंडीगढ़ के अस्पताल में उन्होंने 11:24 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन पर देश सहित पूरा संसार शोक व्यक्त कर रहा है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि उनकी पत्नी की मौत भी चार दिन पहले कोरोना वायरस के कारण हो गई थी। वह अपनी तबियत क्रिटिकल होने के कारण उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे। लेकिन बीते दिन देर रात उनके निधन ने एक और गहरा दुःख परिवार को दे दिया। उनकी पत्नी और निर्मल मिल्खा सिंह भी नेशनल वॉलीबाल कैप्टन रह चुकी थी। दोनों का खेल के प्रति गहरा रुझान इनको और करीब लेकर आया था। मिल्खा सिंह और उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह का प्यार जितना असीम था उतनी ही दिलचस्प उनकी लव स्टोरी भी है।

खेल के कारण ही प्यार चढ़ा परवान
इस प्यार भरी लव स्टोरी की शुरुआत भी खेल से शुरू हुई थी। दोनों की पहली मुलाकात 1955 में श्रीलंका के कोलंबो में हुई थी। दोनों टूर्नामेंट के सिलसिले में गए थे वहां पर मिल्खा सिंह निर्मल मिल्खा सिंह को देखते ही अपना दिल खो बैठे थे। हालांकि अभी उनकी लव स्टोरी में अभी और ट्विस्ट आना बाकी था। इसके बाद मिल्खा सिंह उनसे बातचीत करने की कोशिश की पर बात नहीं बनी। लेकिन श्रीलंका में पार्टी से लौटते समय हिम्मत जुटा कर मिल्खा सिंह उनके हाथ पर अपने होटल के कमरे का नंबर लिख दिया। उसके बाद से दोनों का प्यार बढ़ता चला गया। कुछ सालों बाद खेल के सिलसिलें में दोनों की मुलाकातें होनी शुरू हो गई।

लेकिन निर्मल मिल्खा सिंह के परिवार को इस रिलेशन से बेहद नाराजगी थी। वो इस शादी के लिए मना कर रहे थे। फिर दोनों के प्यार में आ रही दरार को दूर करने के लिए उस समय के पंजाब के मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों आए। उन्होंने दोनों के परिवारों से बात कर इस मसले को सुलझाया। आखिरकार फिर 1962 में दोनों की शादी हो गई। दोनों के दो बच्चे है, बेटी डॉक्टर और बेटा अंतराष्ट्रीय गोल्फर।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि उड़न सिख मिल्खा सिंह बेहद शांत और सहज स्वभाव के थे। उन्होंने कई बड़े टूर्नामेंट में भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने एशिआई खेलों में चार बार भारत को स्वर्ण पदक दिलाएं। एथलेटिक्स को वह एक नए मुकाम पर लेकर गए। उनके सफर में की तरह के उतार चढ़ाव आए लेकिन कभी भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आखिरी समय तक वह डटकर लड़ते रहे। पद्मश्री मिल्खा सिंह ने अपना जलवा करीब एक दशक तक बिखेरा है। आज पूरा देश उनके निधन से बेहद दुखी है। उनके निधन से खेल जगत को बहुत बड़ा नुक्सान हुआ है।
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