स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे शुरू: 70 हजार में से मात्र 250 यात्री करेंगे रैंक का निर्धारण

Edited By Vatika,Updated: 03 Sep, 2019 11:57 AM

swachh bharat abhiyan

सफाई के आधार पर रेलवे स्टेशन को मिलने वाले रैंक को लेकर आखिर स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे करने के लिए 2 सदस्यों की टीम सोमवार को लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंच गई।

लुधियाना(गौतम): सफाई के आधार पर रेलवे स्टेशन को मिलने वाले रैंक को लेकर आखिर स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे करने के लिए 2 सदस्यों की टीम सोमवार को लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंच गई। 2 सदस्य पर आधारित टीम रेलवे स्टेशन पर औसतन आने वाले 70 हजार यात्रियों में से केवल 250 यात्रियों के  फीड बैक से रैंक का निर्धारण करेगी, जबकि पहले अटकलें लगाईं जा रहीं थीं कि कंपनी की तरफ से 3 शिफ्टों के लिए अलग टीमें भेजीं जाएगीं।

गौर रहे कि मुरादाबाद में रिश्वत लेने का आरोप लगने के बाद कंपनी ने सभी कर्मचारियों को वापस बुला लिया था। उसके बाद ही दोबारा टीमें गठित कर सर्वे के लिए भेजी गई है। रेलवे डिपार्टमैंट की तरफ से रेलवे स्टेशनों पर सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए निजी कंपनी क्वालिटी काऊसिंल ऑफ इंडिया को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी की टीम अलग-अलग स्टेशनों पर जाकर अपनी रिपोर्ट कंपनी के हैड क्वार्टर भेज रही है, जिनकी रिपोर्ट पर ही रेलवे स्टेशन को रैंक मिलेगा और डिपार्टमैंट की तरफ से सुविधाएं भी मिलेगीं। 

टीम रेलवे परिसर, पार्किंग, वेटिंग हाल, रिटायरिंग रूम, प्लेटफार्म, ट्रैक, बाथरूम, स्टेशन पर रखे गए डस्टबिन, पीने के पानी इत्यादि की व्यवस्था को देखेगी और एक यात्री से करीब 25 सवाल पूछेगी। जिसके लिए कंपनी की तरफ से विशेष एप तैयार किया गया है। एप पर आने वाले सवालों के जबाव के दौरान अगर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं होती तो उसके लिए अलग विकल्प रखा गया है और उसके लिए नया सवाल पूछा जाएगा। जिस यात्री से टीम के सदस्य फीड बैक लेगें, उसके टिकट व उसके खुद की फोटो खीची जाएगी। उसके बाद यात्री से स्टेशन पर उसके आने जाने के स्थिति, बाथरूम में सफाई, ट्रैक पर गंदगी, गंदगी फैलाने पर लगने वाले जुर्माने, पीने के पानी, पार्किंग, प्लेटफार्म पर मिलने वाली गंदगी के अलावा अन्य प्रश्न भी पूछे जाएंगे।

ड्रेनज सिस्टम, सोलर पैनल व बाथरूम की सफाई लुढ़का सकती है रैंक 
टीम के आने की सूचना मिलते ही रविवार को देर शाम स्थानीय अधिकारियों की तरफ से तैयारियां शुरू कर दी गई। सोमवार की सुबह ही सफाई सेवकों को ड्यूटी पर लगा दिया गया। गौर है कि स्टेशन पर 110 के करीब सफाई सेवक ठेकेदार की तरफ से रखे गए है, जोकि अलग-अलग शिफ्टों में अपनी ड्यूटी देते हैं। ट्रैकों व अन्य स्थानों पर सफाई के साथ डी.डी.टी. डालने का काम भी जारी रहा, लेकिन एक अधिकारी ने दबी जुबां में बताया कि ड्रेनज सिस्टम, सोलर पैनल व बाथरूम की सफाई के कारण उनका रैंक नीचे आ सकता है।

हैड क्वार्टर ने शुरू की जांच
सूत्रों का कहना है कि मुरादाबाद में कंपनी के कर्मचारियों पर रिश्वत लेने के आरोप के मामले में बड़ौदा हाऊस की तरफ से टीम गठित की गई है। टीम अपनी जांच के बाद ही रिपोर्ट आला अधिकारियों को देगी। जिसके आधार पर ही कर्मचारियों पर लगे आरोपों के बारे में पता चल सकेगा। इसी कारण सर्वे के काम में देरी की गई और टीमों का अलग-अलग स्थानों पर तबादला कर दिया गया। कंपनी के कर्मचारियों में भी इसी बात को लेकर काफी रोष पाया जा रहा है। उनका कहना है कि कंपनी पारदर्शिता से अपना काम कर रही है, जबकि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। 

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