लुधियाना-ढंडारी ट्रैक पर फिर गरमाया 'डंडा मार गैंग' का खौफ! मोबाइल बचाने के चक्कर में चलती ट्रेन से कूदा यात्री

Edited By Vatika,Updated: 01 Jun, 2026 09:02 AM

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महानगर के रेलवे ट्रैक अब सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए सुरक्षित नहीं रहे। लुधियाना और ढंडारी रेलवे स्टेशन के बीच एक बार फिर

लुधियाना (राज): महानगर के रेलवे ट्रैक अब सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए सुरक्षित नहीं रहे। लुधियाना और ढंडारी रेलवे स्टेशन के बीच एक बार फिर कुख्यात 'डंडा मार गैंग' ने दस्तक देकर यात्रियों की रातों की नींद उड़ा दी है। रेलवे लाइनों के किनारे छिपकर बैठने वाले इस गैंग के शातिर अपराधी चलती ट्रेनों के दरवाजों पर खड़े यात्रियों के हाथों पर डंडा मारकर मोबाइल छीन लेते हैं। इस खौफनाक खेल का शिकार हुआ एक युवक, जो अपना मोबाइल बचाने के चक्कर में चलती ट्रेन से नीचे जा गिरा और बुरी तरह घायल हो गया। मूल रूप से बिहार के खगड़िया का रहने वाला सुमित पिछले दो साल से लुधियाना में पैकिंग का काम करता है। 

पटरियों के पास छिपा बदमाश फोन उठाकर नौ दो ग्यारह
रविवार को वह जन सेवा एक्सप्रेस में सवार होकर वापस लुधियाना लौट रहा था। जैसे ही ट्रेन ढंडारी रेलवे स्टेशन को पार कर लुधियाना की तरफ बढ़ी, सुमित बोगी के दरवाजे के पास खड़ा होकर अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने लगा। इसी दौरान घात लगाए बैठे 'डंडा मार गैंग' के एक दरिंदे ने नीचे से सुमित के हाथ पर जोर से डंडा दे मारा। डंडा लगते ही सुमित के हाथ से मोबाइल नीचे ट्रैक पर गिर गया। अपनी मेहनत की कमाई का फोन आंखों के सामने जाता देख सुमित सुध-बुध खो बैठा और मोबाइल बचाने की धुन में उसने चलती ट्रेन से ही नीचे छलांग लगा दी। सुमित के नीचे गिरते ही पटरियों के पास छिपा बदमाश फोन उठाकर नौ दो ग्यारह हो गया, जबकि सुमित लहूलुहान हालत में वहीं तड़पता रहा।

सनसनीखेज वारदात ने खोली दावों की पोल 
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में सुमित के दाहिने हाथ के बाजू की हड्डी बुरी तरह टूट गई और सिर के बल गिरने से माथे पर गहरा जख्म हो गया। खून से लथपथ हालत में सुमित हिम्मत जुटाकर करीब 3 किलोमीटर तक पटरियों के सहारे पैदल चलता हुआ करीब एक घंटे बाद लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंचा। उसके कपड़े खून से सने देखकर स्टेशन पर हड़कंप मच गया। वहां मौजूद संवेदनशील लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस को फोन घुमाया और उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसके माथे पर 6 टांके लगाकर उसे वार्ड में भर्ती किया है। इस सनसनीखेज वारदात ने जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की दावों की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल के बेड पर पड़े घायल सुमित ने रोते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर रेलवे पुलिस संवेदनशील इलाकों और ट्रैक के आसपास मुस्तैदी से गश्त करे, तो इन नशाखोर बदमाशों की इतनी जुर्रत न हो। इस घटना के बाद से दिल्ली-अमृतसर रूट पर सफर करने वाले यात्रियों में भारी दहशत का माहौल है और लोग अब खिड़की-दरवाजों के पास फोन निकालने से भी कतराने लगे हैं।

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