सिख फॉर जस्टिस पर केंद्र सरकार की तरफ से पाबंदी लगाना प्रशंसनीय कदम : गुरकीरत सिंह

Edited By Vatika,Updated: 12 Jul, 2019 10:54 AM

sikh for justice

भारत खास कर पंजाब प्रदेश में सिख नौजवानों को लुभाने वाले संगठन और रैफरैंडम-2020 की मांग करने वाले संगठन सिख फॉर जस्टिस पर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पाबंदी लगाने के लिए उठाए कदमों की प्रशंसा करते

खन्ना(कमल): भारत खास कर पंजाब प्रदेश में सिख नौजवानों को लुभाने वाले संगठन और रैफरैंडम-2020 की मांग करने वाले संगठन सिख फॉर जस्टिस पर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पाबंदी लगाने के लिए उठाए कदमों की प्रशंसा करते हुए ऑल इंडिया कांग्रेस समिति के राष्ट्रीय सचिव और विधायक गुरकीरत सिंह ने कहा कि खालिस्तान समर्थक संगठन के खिलाफ उठाया यह बड़ा कदम है। 

इसी तरह उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह द्वारा केंद्र सरकार से सिख फॉर जस्टिस संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने पर इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की मांग को प्रशंसनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि इन मुट्ठी भर गर्म ख्याली लोगों का मकसद पंजाब का माहौल फिर से खराब करना है। इनके द्वारा पंजाब में की जा रही गतिविधियों के साथ पंजाब में आतंकवाद के पनपने का अंदेशा बना हुआ था, जिसके साथ पंजाब में सिर उठा रही आतंकवादी गतिविधियां थम जाएंगी। गुरकीरत ने कहा कि सिख फॉर जस्टिस संस्था आई.एस.आई. की मदद के साथ बड़े स्तर पर साजिशें रचकर पंजाब के माहौल को हिंसक करना चाहती हैं।

उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार की बेहतर कार्यप्रणाली दौरान ही बड़ी संख्या में अलगाववादी, कट्टरपंथी और खालिस्तानी समर्थकों को जेलों में फैंका गया है। विधायक गुरकीरत ने आगे कहा कि उनके दादा मरहूम मुख्यमंत्री बेअंत सिंह ने पंजाब की अमन-शांति के लिए अपनी कुर्बानी दी, जिस सदका ही आज पंजाब में अमन सुरक्षा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पंजाब में कै. अमरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में आतंकवाद, अलगाववाद और गैंगस्टरों को सिर नहीं उठाने दिया जाएगा। -

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