केंद्र के इशारे पर कैप्टन सरकार पंजाब के पानी को गंवाने पर तुली : बैंस

Edited By swetha,Updated: 25 Jan, 2020 09:30 AM

simarjit singh bains

अपना व अपने रिश्तेदारों को भ्रष्टाचार के केसों से बचाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह केंद्र सरकार व नरेंद्र मोदी के इशारे पर पंजाब के पानी के सारे हक गंवा रहे हैं

जालंधर(बुलंद): अपना व अपने रिश्तेदारों को भ्रष्टाचार के केसों से बचाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह केंद्र सरकार व नरेंद्र मोदी के इशारे पर पंजाब के पानी के सारे हक गंवा रहे हैं, इसलिए उन्होंने केंद्र के आगे ट्रिब्यूनल का हिस्सा बनने पर सहमति जताई है लेकिन केंद्र के पास वह अधिकार ही नहीं है कि वह पंजाब के दरियाओं बारे कोई ट्रिब्यूनल बना सके, पर हम उनके इन साजिश को कामयाब नहीं होंगे देंगे। इन बातों का प्रकटावा लोक इंसाफ पार्टी के प्रधान सिमरजीत सिंह बैंस ने एक प्रैस कॉन्फ्रैंस में किया। 
उन्होंने कहा कि कैप्टन यह जानते हैं कि पंजाब के पानी के बारे में जो जानकारी बैंस के पास है वह किसी के पास नहीं इसीलिए सर्वदलीय पार्टी बैठक में लोक इंसाफ पार्टी को नहीं बुलाया गया। 


ऑल पार्टी बैठक में अकाली-भाजपा और कांग्रेस ने तो हामी भरनी ही थी क्योंकि अपनी कुर्सियों को बचाने के लिए वे कुछ भी कर सकते हैं पर अन्य पाॢटयों के नेताओं को इस मामले की कोई जानकारी ही नहीं है इसलिए वे इस साजिश में न चाहते हुए भी शामिल हो गए। बैंस ने कहा कि 20 जनवरी 1955 को तत्कालीन केंद्रीय नहरी मंत्री गुलजारी लाल नंदा ने पंजाब के पानी को बांटते हुए पैरा नंबर-5 में साफ लिख दिया था कि यह बैठक पंजाब के पानी को बांटने के बारे है न कि उसके रेट तय करने के बारे में। इसके बाद पंजाब के नेताओं ने बाद में इस बारे कोई बैठक नहीं की और अरबों रुपए का पंजाब का पानी राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली को मुफ्त में बांटते आ रहे हैं। अकेले राजस्थान से पंजाब ने 16 लाख करोड़ रुपए पानी के वसूलने हैं। 

उन्होंने कहा कि 16 नवम्बर 2016 को पंजाब विस में पानी के पैसे वसूलने को लेकर बिल पास हुआ था पर कैप्टन सरेआम लोगों को गुलजारी लाल नंदा के नाम पर झूठ बोल रहे हैं। बैंस ने कहा कि 20 दिन पहले हिमाचल ने दिल्ली के साथ 21 करोड़ रुपए वार्षिक पानी के बिलों का समझौता किया है, इसी प्रकार हरियाणा भी दिल्ली से पानी की कीमत ले रहा है तो पंजाब के साथ बेइंसाफी क्यों हो रही है? बैंस ने कहा कि भू-जल का स्तर गिर रहा है और केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए बोर्ड ने अपने आंकड़ों में पंजाब को 5वें स्थान पर दिया है। केंद्र ने अटल जल योजना 6000 करोड़ की बनाई है जिसमें पंजाब को बाहर कर दिया गया है, इस बारे कैप्टन क्यों चुप्पी धारण किए हैं जबकि भूजल के नीचे जाते स्तर को देखते हुए पंजाब को अटल जल योजना में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 फरवरी को उनकी पार्टी अटल जल योजना में पंजाब को शामिल न किए जाने के विरोध में दिल्ली में केंद्रीय जल स्रोत मंत्री शेखावत की कोठी का घेराव करने जा रही है। इस मौके पर जसवंत सिंह, जरनैल सिंह, अमरीक सिंह, जसवीर बग्गा, प्रकाश सिंह, मनदीप सिंह आदि मौजूद थे।

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