1857 के शहीदों को मिलेगा सम्मान, अंबाला में निर्मित आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक का जल्द होगा उद्घाटन: अनिल विज

Edited By Krishan Rana,Updated: 26 Apr, 2026 03:18 PM

the martyrs of 1857 will be honoured the martyrs memorial of the first war of i

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आशा व्यक्त की कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की स्मृति में अंबाला छावनी में

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आशा व्यक्त की कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की स्मृति में अंबाला छावनी में निर्मित हो रहे भव्य शहीद स्मारक का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी शीघ्र करेंगे। उन्होंने कहा कि इस स्मारक के खुलने के बाद देशभर के लोग यहां आकर उन अनसुने वीरों (अनसंग हीरोज) की गाथाओं को जान सकेंगे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।

विज आज अंबाला छावनी स्थित मॉल रोड पर  शालिंदर खन्ना (शैली) के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के उपरांत मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख किया, जो अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस ऐतिहासिक संग्राम की स्मृति में अंबाला छावनी में लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य शहीद स्मारक का निर्माण किया गया है। इसमें 10 मई 1857 से शुरू हुए स्वतंत्रता संग्राम और देशभर में हुए संघर्षों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। अंबाला, मेरठ, झांसी, कश्मीरी गेट सहित विभिन्न स्थानों पर लड़ी गई लड़ाइयों तथा रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे जैसे महान योद्धाओं के योगदान को भी इसमें दर्शाया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि 1857 के कई वीरों को इतिहास में उचित पहचान और श्रद्धांजलि नहीं मिल सकी। इसी को ध्यान में रखते हुए इस स्मारक में विशेष ‘श्रद्धांजलि स्थल’ भी बनाया गया है, जहां लोग उन शहीदों को नमन कर सकेंगे, जिन्हें अब तक पर्याप्त सम्मान नहीं मिल पाया।

विज ने बताया कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि मई का महीना 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है। उन्होंने मां भारती की वीर संतानों को नमन करते हुए युवाओं, विशेषकर स्कूली बच्चों से आह्वान किया कि वे अपनी छुट्टियों का सदुपयोग करें और कुछ नया सीखने का प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रातः 11 बजे ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से संवाद करते हैं और विभिन्न विषयों पर प्रेरणादायक विचार सांझा करते हैं। इस बार उन्होंने न्यूक्लियर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डाला तथा बांस उद्योग को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर दिया है, जिससे इस क्षेत्र में नवाचार और उद्योग को बढ़ावा मिला है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उत्तर-पूर्व भारत में बांस उद्योग को सशक्त बनाने के लिए लोगों से बांस से बने उत्पादों को अपनाने की अपील की। विज ने भी लोगों से आग्रह किया कि वे बांस से बने उत्पादों की खरीद कर इस उद्योग को प्रोत्साहित करें, जिससे उत्तर-पूर्व क्षेत्र के विकास को बल मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में गणित ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख किया तथा महात्मा बुद्ध के विचारों को भी सांझा किया। विज ने कहा कि महात्मा बुद्ध का संदेश आत्म-अनुशासन पर आधारित है-“पहले स्वयं पर शासन करें, फिर दूसरों का मार्गदर्शन करें।” यह विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है। 

विज ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे ‘मन की बात’ कार्यक्रम को नियमित रूप से सुनें और अपने जीवन का कुछ समय निकालकर इससे प्रेरणा प्राप्त करें, क्योंकि यह कार्यक्रम देश की उपलब्धियों, नवाचारों और सकारात्मक पहलुओं से लोगों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

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