रिश्वत की वसूली न होने पर मीलिंग का माल चैक नहीं करते FCI के क्वालिटी अधिकारी

Edited By Mohit,Updated: 20 Jan, 2020 10:20 PM

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भले ही समय समय की सरकारें भ्रष्टाचार मुक्त भारत की दुहाई देती हो लेकिन...........

जलालाबाद (सेतिया,सुमित): भले ही समय समय की सरकारें भ्रष्टाचार मुक्त भारत की दुहाई देती हो लेकिन निचले स्तर पर विभागों में फैली रिश्वतखोरी की जड़ इस कदर लंबी हैं कि आम लोगों और खासकर व्यापारी वर्ग का रिश्वत दिए बिना काम नहीं किया जा रहा है। जिसकी मिसाल केन्द्रीय फूड एजेंसी एफसीआई से लगाई जा सकती है जिसमें हर सीजन व्यापारियों वर्ग को सीजन के मुताबिक लाखों टन माल लगाना होता है लेकिन इसी महकमे में प्रति गाड़ी के हिसाब से तय रिश्वत न देने वाले व्यापारियों का माल ऐसे ही रिजेक्ट कर दिया जाता है। 

इसकी ताजा मिसाल जलालाबाद के टिवाना रोड पर स्थित वेयर हाऊस गोदाम में देखने को मिली जब एक मिल्लर द्वारा एफसीआई को चावल मीलिंग के लिए डंप किया था और क्वालिटी वालों चेकिंग कर माल लगाने के लिए कहा और साथ भी ये भी ऊपर से मौसम खराब है और बरसात के कारण चावल खराब हो सकता है क्योंकि जहां माल डंप किया था वहां जमीन का स्तर भी नीचा था और वहां लेबर वाले भी मौजूद थे और उन्होने ने अपील की कि माल चैक करें लेकिन वहां मौजूद क्वालिटी मैनेजर ओर टीए ने कोई ध्यान नहीं दिया और उन्होंने साफ बोला कि पहले आपकी जो गाडिय़ां लग चुकी हैं उसकी बनती फीस पहले लाओ फिर माल चैक किया जाएगा और हमने भी ऊपर पैसे भेजने हैं अपनी जेब से नहीं देने हैं और जो फीस दे रहे हैं उनका माल आज भी खराब में लगा है। 

इस संबंधी जब क्वालिटी मैनेजर केसरदेव से बातचीत की गई और पूछा कि राईस मिल्लरों द्वारा डंप चावल रिश्वत की मांग के कारण लगाया नहीं जा रहा और मजबूरन मिल्लर अपना माल वापिस उठा रहे हैं तो संबंधित अधिकारी ने बात सुनन की बजाए व्यस्थ होने का बहाना लगा कर फोन काट किया। 

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