Edited By Urmila,Updated: 19 May, 2025 05:30 PM

नगर निगम बठिंडा के सस्पेंड एक्सईएन गुरप्रीत सिंह बुट्टर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
बठिंडा (विजय वर्मा): नगर निगम बठिंडा के सस्पेंड एक्सईएन गुरप्रीत सिंह बुट्टर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आय से अधिक संपत्ति के गंभीर मामले में फंसे गुरप्रीत सिंह को अब सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को बिना किसी सुनवाई के खारिज कर दिया है। इससे पहले उनकी जमानत याचिका स्थानीय अदालत और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी थी।
तीन माह से चल रहे हैं फरार, विजिलेंस ने तेज की कार्रवाई
गुरप्रीत सिंह के खिलाफ फरवरी माह में विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा द्वारा भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने अपनी आय से करीब 1.83 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की। केस दर्ज होते ही गुरप्रीत सिंह फरार हो गए थे और तभी से विजिलेंस टीम उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
डीएसपी कुलवंत सिंह ने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलने के बाद अब गुरप्रीत सिंह के पास विजिलेंस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। वहीं, विजिलेंस ब्यूरो ने अब उन्हें भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अदालत से अनुमति मिलने के बाद उनकी संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी वारंट पहले ही जारी
गौरतलब है कि गुरप्रीत सिंह के खिलाफ 25 फरवरी को मामला दर्ज किया गया था, जिसमें विजिलेंस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उनके पास उनकी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति है। इसके आधार पर बठिंडा की एडिशनल सेशन कोर्ट ने उनकी पहली जमानत याचिका खारिज की थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां से 4 अप्रैल को याचिका खारिज हो गई। अंत में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, जहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी।
सस्पेंड किए जा चुके हैं गुरप्रीत सिंह
पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने गुरप्रीत सिंह को पहले ही ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी बेहद जरूरी है, ताकि बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों और परिजनों की संलिप्तता की गहराई से जांच की जा सके। गुरप्रीत सिंह बुट्टर की जमानत की हर कानूनी कोशिश नाकाम हो चुकी है। अब उनके सामने विजिलेंस के समक्ष सरेंडर करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा। विजिलेंस की नजर अब उनकी संपत्तियों को जब्त करने की ओर है, जिससे आने वाले दिनों में उनके खिलाफ और भी बड़ी कार्रवाई संभव है।
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